तीन दिवसीय धार्मिक समागम के दूसरे दिन प्रभात फेरी से गूंजा शहर; 12 सितंबर को मुख्य गुरुद्वारा साहेब में आयोजित होंगे भव्य कार्यक्रम
द इंडिया स्पीक्स, बड़वाह:
आदि श्री गुरु ग्रंथ साहेब जी के प्रथम प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर निमाड़ अंचल के बड़वाह शहर में धार्मिक आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। बड़वाह की सिख संगत द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भव्य धार्मिक समागम के दूसरे दिन अलसुबह शहर में एक विशाल प्रभात फेरी निकाली गई। गुरबाणी के मधुर गायन और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय माहौल में डूब गया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सरदार सुरेंदर सिंह भाटिया ने बताया कि इस तीन दिवसीय धार्मिक उत्सव की शुरुआत 10 सितंबर को श्री अखंड पाठ साहेब के आरंभ के साथ हुई थी। उत्सव के दूसरे दिन प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गुरु का जसगायन किया।
प्रमुख मार्गों से गुजरी प्रभात फेरी
श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई यह प्रभात फेरी स्थानीय गुरुद्वारा साहेब से प्रारंभ हुई। इसके बाद प्रभात फेरी शहर के मुख्य चौराहा, खंडवा रोड, पटेल कॉलोनी, इरिगेशन कॉलोनी, खबर कॉलोनी और बस स्टैंड से होती हुई पुनः गुरुद्वारा साहेब पहुंची। जगह-जगह संगत का स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं ने कीर्तन के माध्यम से गुरु महिमा का बखान किया।
12 सितंबर को होंगे मुख्य आयोजन, इंदौर से पहुंचेगा रागी जत्था
समिति के सचिवद्वय सरदार परविंदर सिंह एवं सरदार गुलबीर सिंह ने मुख्य कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 12 सितंबर को प्रकाश पर्व का मुख्य समागम आयोजित किया जाएगा।
- प्रातः 05:00 बजे: समूह संगत की उपस्थिति में श्री गुरु ग्रंथ साहेब जी का प्रकाश किया जाएगा।
- पाठ एवं कीर्तन: इसके उपरांत समूह संगत द्वारा श्री सुखमनी साहेब जी का सामूहिक पाठ किया जाएगा।
- विशेष रागी जत्था: समागम में भाई बुध सिंह जी के साथ-साथ इंदौर से विशेष रूप से पधार रहे भाई अमनदीप सिंह जी का जत्था अपनी रसभरी गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल करेगा।
संगत में भारी उत्साह
समिति के मीडिया प्रभारी सरदार सतविंदर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजनों को लेकर सिख संगत में बेहद उत्साह है और सभी श्रद्धालु तन, मन, धन से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस आयोजन को सफल बनाने में सरदार हरविंदर सिंह, सरदार जितेंदर सिंह, सरदार गुरूबख्श सिंह, सरदार रविंदर सिंह, सरदार सुरजीत सिंह, सरदार गुरभेज सिंह सहित समस्त सिख संगत का विशेष व सराहनीय योगदान बना हुआ है।












