ग्राम काटकूट में धूमधाम से मनाया गया तेजा दशमी पर्व, पुष्पवर्षा और ‘तांती तुड़वाने’ की परंपरा रही आकर्षण का केंद्र
बड़वाह | The India Speaks
ग्राम काटकूट में लोक देवता सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज का तेजा दशमी पर्व आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा तेजाजी मंदिर से प्रारंभ होकर पूरे गांव में निकाली गई और पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
पुष्पवर्षा और परंपराओं का निर्वहन
जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। राष्ट्रीय जाट महासभा भारत द्वारा जुलूस का स्वागत जेसीबी से पुष्प अर्पित कर किया गया, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना।
भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने पर ‘तांती तुड़वाने’ की परंपरा निभाई, जिससे पूरे गांव में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया।
तेजाजी महाराज का महत्व
तेजाजी महाराज को भगवान शिव के 11 अवतारों में से एक माना जाता है। वे राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में लोक देवता के रूप में पूजे जाते हैं।
विक्रम संवत 1130 में नागौर जिले के खरनाल गांव में नागवंशी धोलिया गोत्र के जाट परिवार में जन्मे वीर तेजाजी ने गौ रक्षा और वचन निभाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। यही कारण है कि आज भी ग्रामीण समाज में उनका विशेष महत्व है।
समाज के गणमान्यों की मौजूदगी
कार्यक्रम में राष्ट्रीय जाट महासभा भारत द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष अशोक मुंडेल, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष खुमान जाट, संतोष चोटिया, राम प्रसाद पटेल, चिंताराम जाट, राम जाट, रामेश्वर जाट, लाल जाट, अमित जाट (खंडवा) सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
तेजाजी मंदिर ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष देवकरण जाट, पुजारी गोविंद जाट, रामचंद्र जाट, गोविंद चोटिया, गंगाराम मुंडेल, दिनेश जाट एवं अन्य सदस्यों ने प्रसाद वितरण कर सभी का आभार व्यक्त किया।












