सूचना देर से देने पर उठे सवाल, पुलिस जांच में जुटी
धार/पीथमपुर। The India Speaks Desk
पीथमपुर क्षेत्र के बगदून थाना क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। सागर श्री लुब्रीकेंट कंपनी में जहरीली गैस का रिसाव होने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब मजदूर फैक्ट्री के अंदर केमिकल टैंक की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से उनकी जान चली गई।
मृतकों की पहचान
हादसे में तीन मजदूरों की मौत हुई है। उनकी पहचान इस प्रकार हुई:
सुशील
दीपक
जगदीश
तीनों के शवों को इंदौर के एमवाय अस्पताल लाया गया है, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
कई घंटे बाद पुलिस को दी गई सूचना
चौंकाने वाली बात यह है कि घटना की जानकारी पुलिस को कई घंटे बाद दी गई। धार एसपी मनोज सिंह (डीआईजी) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
बगदून थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी ने बताया:
“फैक्ट्री मैनेजमेंट की ओर से हमें किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। मैं स्वयं फैक्ट्री पहुंचा था, लेकिन वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं मिला।”
— राजेंद्र सोनी, थाना प्रभारी बगदून
सवालों के घेरे में फैक्ट्री प्रबंधन
इस हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन की जिम्मेदारी और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में आग लगना और गैस रिसाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन बार-बार मजदूरों को ही अपनी जान गंवाकर इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।
मजदूरों की मजबूरी
ऐसे हादसों से एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर गरीब मजदूर जान जोखिम में डालकर क्यों इन खतरनाक केमिकल फैक्ट्रियों में काम करने को मजबूर हैं। दरअसल, अपने परिवार का पेट पालने और जीविका चलाने के लिए उन्हें इन जानलेवा हालातों में भी नौकरी करनी पड़ती है।












