जबलपुर, मध्य प्रदेश। द इंडिया स्पीक्स
भक्ति और उल्लास के पर्व नवरात्रि पर आज मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक हृदय विदारक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। मंगलवार (30 सितंबर 2025) की रात करीब 10 बजे, कटनी से जबलपुर की ओर आ रही एक तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर सिहोरा क्षेत्र के गौरी तिराहे पर स्थित एक दुर्गा पूजा पंडाल में जा घुसी। इस भीषण हादसे में अब तक एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में कम से कम 6 की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
मौत का तांडव: प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस बेहद तेज गति में थी और पंडाल में घुसने से पहले उसने कई अन्य वाहनों को भी टक्कर मारी। पंडाल में दुर्गा अष्टमी की पूजा चल रही थी और बड़ी संख्या में महिलाएँ, बच्चे और पुरुष माता रानी के दर्शन और आरती के लिए मौजूद थे। बस के अचानक पंडाल में घुसते ही वहां चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। चश्मदीदों के रोंगटे खड़े करने वाले बयानों ने हादसे की भयावहता को और बढ़ा दिया है।
ड्राइवर की लापरवाही या शराब का नशा?
शुरुआती रिपोर्ट्स और स्थानीय लोगों के गुस्से ने बस ड्राइवर की घोर लापरवाही की ओर इशारा किया है। आरोप है कि ड्राइवर शराब के नशे में धुत था और उसने अनियंत्रित बस पर से नियंत्रण खो दिया। हालाँकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है और ब्रेक फेल होने की संभावना पर भी जांच की जा रही है।
जन आक्रोश और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
हादसे के बाद, आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बस पर पथराव किया और कुछ लोगों ने गुस्से में बस को आग लगाने की कोशिश भी की। इस घटना ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा मानकों, चालकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या धार्मिक स्थलों के पास भीड़ नियंत्रण और यातायात सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर्याप्त रूप से सतर्क था?
द इंडिया स्पीक्स इस दर्दनाक हादसे की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग करता है। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की खामियों का एक जीता-जागता उदाहरण है।












