अनुबंध कर्मचारी हेल्थकेयर रोहतक एसोसिएशन का धरना जारी | किसान नेताओं ने दिया समर्थन
करनाल। राजेंद्र करनाल | The India Speaks
अनुबंध कर्मचारी हेल्थकेयर रोहतक एसोसिएशन ने पीजीआईएमएस रोहतक में कार्यरत 1271 कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जोड़े जाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।
कर्मचारी 3 अक्टूबर से जिला सचिवालय के सामने दिन-रात धरने पर बैठे हैं। इन कर्मचारियों की हड़ताल जून माह से लगातार जारी है।
कर्मचारियों को मिला किसान संगठनों का समर्थन
कर्मचारियों के समर्थन में कई किसान नेता और समाजसेवी भी धरना स्थल पर पहुंचे। किसान नेता राजन और जय सिंह ने कहा —
“सरकार को ठेकेदारी प्रथा खत्म करनी चाहिए। रोहतक पीजीआई में काम कर रहे कर्मचारियों को एचकेआरएन से जोड़ा जाए। यह उनकी जायज मांग है, और हम उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”
महासचिव महेश ने लगाए प्रशासन पर आरोप
एसोसिएशन के महासचिव महेश ने कहा कि अधिकारियों ने झूठे आश्वासन देकर कर्मचारियों को चंडीगढ़ जाने से रोक दिया और मुख्यमंत्री से भी मिलने नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने बताया कि अब किसान संगठन भी इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।
महेश ने कहा —
“पीजीआईएमएस रोहतक के 1271 कर्मचारियों को एचकेआरएन पोर्टल से जोड़ा जाए। हरियाणा के अन्य जिलों में कर्मचारियों को जोड़ा गया है, तो हमें क्यों नज़रअंदाज़ किया जा रहा है?”
2021 की नीति के तहत मांग
कर्मचारियों का कहना है कि हरियाणा सरकार ने सितंबर 2021 में एचकेआरएन पॉलिसी लागू की थी, जिसके तहत सभी अनुबंध कर्मचारियों को एचकेआरएन पोर्टल पर पंजीकृत किया जाना था।
उन्होंने मांग की कि 2022 से एचकेआरएन के तहत एरियर भुगतान किया जाए और जॉब सिक्योरिटी पत्र जारी किया जाए।
धरने में जुटे सैकड़ों कर्मचारी और पदाधिकारी
धरना स्थल पर राजेश कोला, ओम सिंह, कपूर सिंह, राजेश बिडलान, संदीप सिंगरोहा, विक्की काजल, राकेश प्रधान, ईश्वंती, सचिन, बलराज, अशोक, तस्वीर, संजय, रीना और नवीन सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।












