साइन बोर्ड गायब, करोड़ों की लागत से हो रहा निर्माण जानकारी के अभाव में विवादों में
खरगोन/करही। प्रभु रंसोरे | The India Speaks
किसानों के लिए बनाए जा रहे विपणन संघ के निर्माणाधीन वेयरहाउस एवं दुकानों का काम लगभग 7 साल से अधर में लटका हुआ है। करोड़ों की लागत से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आज भी अधूरा पड़ा है, जबकि विभागीय जानकारी तक सही तरीके से उपलब्ध नहीं कराई जा रही। गुरुवार को निर्माण स्थल का दौरा करने पहुंचे किसान संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ संगठन के संभागीय संगठन मंत्री गौरीशंकर पाटीदार, पदाधिकारी रामेश्वर पाटीदार, विष्णु पाटीदार, कालू मुकाती, गंभीर दरबार, अमित शर्मा, नरेंद्र पाटीदार, बाल मुकुंद मालवीय सहित किसानों ने बताया कि:
“निर्माण 7 साल बाद भी पूर्ण नहीं हुआ है। कई हिस्से पुराने पड़ चुके हैं और अब मरम्मत की जरूरत है।”
वर्तमान में केवल लेट-बाथ के सेप्टिक टैंक का निर्माण जारी है, जबकि परिसर की बाउंड्री वॉल भी अधूरी पड़ी है। अन्य कार्यों की भी कोई स्पष्ट जानकारी मौजूद नहीं है।
कतरगांव का 2000 MT वेयरहाउस—किसानों के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट
किसानों ने बताया कि कतरगांव में बन रहा यह वेयरहाउस लगभग 2000 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता का है। यह सुविधा किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकती है, लेकिन निर्माण में डेरी होने से किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे।
किसानों ने निर्माण स्थल की बदइंतज़ामी पर गंभीर आरोप लगाए:
“न तो साइन बोर्ड लगा है, न ठेकेदार का नाम-पता। लागत, समयसीमा या जिम्मेदार अधिकारी की कोई जानकारी भी उपलब्ध नहीं।”
कर्मचारियों से पूछने पर वे जिम्मेदारी से बचते दिखे। ठेकेदार से संपर्क करने की कोशिश भी नाकाम रही।
किसान संगठन ने समस्या को लेकर एसडीएम पूर्वा मंडलोई से फोन पर चर्चा की। एसडीएम ने कहा:
“निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी लेकर संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा।”
साथ ही किसान संगठन द्वारा विपणन संघ के अधिकारी रोहित कुमार श्रीवास्तव से भी बात की गई, लेकिन वे भी पूरी जानकारी देने में असमर्थ रहे।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन — कार्य शीघ्र पूर्ण करने की मांग
किसान रामेश्वर पाटीदार सहित अन्य किसानों ने कलेक्टर खरगोन को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि:
“अधूरा निर्माण जल्द पूर्ण कराया जाए और निर्माण पूरा होते ही वेयरहाउस संचालन शुरू किया जाए।”
किसानों का कहना है कि वेयरहाउस चालू होने से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
लंबे समय से निर्माण अधूरा रहने का खामियाजा किसान उठा रहे हैं। उन्हें खाद और कृषि सामग्री लेने के लिए बड़वाह और कसरावद तक 30 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं।
किसान संगठनों ने कहा कि विपणन संघ के वेयरहाउस और दुकानों के अधूरे निर्माण को तत्काल पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।












