खरगोन। The India Speaks Desk
कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल की अध्यक्षता में सोमवार, 01 दिसंबर 2025 को जिला स्तरीय तकनीकी समूह की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026–27 में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खरगोन के कार्यक्षेत्र में उत्पादित की जाने वाली प्रमुख फसलों — कपास, मिर्च, सोयाबीन, मक्का, गेहूं, चना आदि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन गतिविधियों के लिए ऋणमान निर्धारित करना था।
फसलों की लागत, उत्पादन मूल्य और भुगतान क्षमता पर विस्तार से हुई चर्चा
बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों तथा प्रगतिशील कृषकों ने विभिन्न फसलों के ऋणमान निर्धारण हेतु लागत, उत्पादन मूल्य और किसानों की ऋण अदायगी क्षमता पर विस्तृत चर्चा की।
ऋणमान के आधार पर आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 में खरगोन और बड़वानी जिले के कृषकों को सहकारी, व्यवसायिक और ग्रामीण बैंकों द्वारा अल्पकालीन एवं मध्यकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
“अधिक किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ें” — कलेक्टर भव्या मित्तल
“सहकारी बैंक अधिक से अधिक किसानों को समिति और बैंक का सदस्य बनाए। इससे वे शून्य प्रतिशत ब्याज योजना सहित शासन की अन्य लाभकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए।”
— कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल
किसानों से अपील: सदस्यता लें और योजनाओं का लाभ पाएं
सहकारी बैंक की प्रबंध संचालक श्रीमती संध्या रोकड़े ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी नजदीकी सहकारी समिति से संपर्क कर सदस्यता अवश्य प्राप्त करें।
उन्होंने बताया कि सहकारी समिति के सदस्यों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन फसल ऋण, रासायनिक खाद, बीज आदि की सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि खरगोन सहकारी बैंक प्रदेश की अग्रणी बैंक है, जो 3 वर्ष से अधिक नियमित लेन-देन करने वाले पात्र कृषकों को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख तक फसल ऋण उपलब्ध कराती है।
जिला स्तरीय तकनीकी समूह की बैठक में सहायक संचालक कृषि श्री एस.एस. राजपूत, डीडीएम नाबार्ड श्री विजेंद्र पाटिल, उपायुक्त सहकारिता श्री के.आर. आवासे, सहायक संचालक उद्यानिकी, कृषि विज्ञान अनुसंधान केंद्र, अग्रणी जिला बैंक, पशु चिकित्सा विभाग, मत्स्य विभाग के अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।












