UIDAI के नियमों के बावजूद बच्चों के आधार पर वसूली—पीड़ितों में आक्रोश
करही/खरगोन। प्रभु रंसोरे | The India Speaks
करही तहसील परिसर में संचालित आधार केंद्रों पर अवैध रूप से पैसे वसूले जाने का बड़ा मामला सामने आया है। आधार बनवाने पहुंची एक पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि उससे बच्चे का नया आधार कार्ड बनाने के नाम पर 100 रुपये लिए गए, जबकि UIDAI के नियमों के अनुसार 0 से 17 वर्ष तक बच्चों के नए आधार पर किसी भी प्रकार का शुल्क लेना प्रतिबंधित है।
महिला का कहना है कि उसने सभी दस्तावेज—जन्म प्रमाण पत्र सहित—सही तरीके से जमा किए, लेकिन लगभग 15 दिन बाद भी आधार कार्ड नहीं आया। बार-बार आधार केंद्र भेजे जाने पर हर बार यही जवाब दिया गया कि “रिजेक्ट हो गया है”, जबकि पैसे पहले ही ले लिए गए थे।
“चार–पांच बार भेजा, हर बार रिजेक्ट बताया… पैसे भी ले लिए, आधार भी नहीं मिला” — पीड़ित महिला
पीड़ित महिला ने बताया:
“मैं लगभग 4–5 बार जा चुकी हूं। हर बार कहते हैं आधार रिजेक्ट हो गया है। पैसे भी ले लिए, लेकिन आधार अभी तक नहीं आया।”
महिला ने आरोप जिस सुपरवाइजर पर लगाए हैं उसका नाम दीपक बठोलिया बताया गया है, जिसकी आधार ID – 37221 है और लोकेशन तहसील परिसर/टप्पा करही बताई गई है।
सुपरवाइजर का दावा—“नए आधार पर कोई चार्ज नहीं लेते”
आधार सुपरवाइजर से बात करने पर उसने कहा कि—
“हम नए आधार पर कोई चार्ज नहीं लेते, केवल अपडेट का शुल्क लिया जाता है।”
वहीं दूसरी ओर पीड़ित महिला अपने ऊपर अवैध वसूली का स्पष्ट आरोप लगा रही है।
सरकारी परिसर में ही गरीबों की लूट? जवाबदेही पर उठ रहे सवाल
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह पूरा मामला राजस्व विभाग के शासकीय परिसर के अंदर हो रहा है, जहां जनता भरोसा करके सेवाएं लेने पहुंचती है।
लोग शिकायत इसलिए नहीं करते क्योंकि उन्हें डर है कि अगर आधार केंद्र बंद हो गया तो उन्हें दूर-दराज जाकर आधार बनवाना पड़ेगा। इसी कमी का फायदा उठाकर मनमानी की जा रही है।
तहसील प्रशासन ने पल्ला झाड़ा, कहा—“आधार संबंधी कार्यक्षेत्र हमारा नहीं”
नायब तहसीलदार करही, मुजमेर जी से जब फोन पर बात की गई और पूरा मामला संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने साफ कहा—
“आधार से संबंधित कोई कार्य हमारे क्षेत्र में नहीं आता। हमारी जिम्मेदारी केवल जगह उपलब्ध कराना है।”
CSC जिला मैनेजर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया
आधार केंद्रों एवं आईडी आवंटन से जुड़े जिला मैनेजर दीपक रावत से जब बात की गई, तो उन्होंने कहा—
“आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है। हम इसकी जल्द जांच करवाकर उचित कार्रवाई करेंगे।”
अब देखना यह होगा कि क्या अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई होती है या गरीब जनता यूं ही लुटती रहेगी।












