उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा के लिए सहकारी कर्मचारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
खरगोन। The India Speaks Desk
संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मध्यप्रदेश शासन के तत्वावधान में प्रदेश के किसानों को सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली को 15 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल के निर्देशानुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित खरगोन की प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती संध्या रोकड़े के मार्गदर्शन में बैंक कार्यक्षेत्र अंतर्गत आने वाले खरगोन, भीकनगांव, सनावद, बड़वाह एवं महेश्वर क्षेत्रों की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पेक्स) के कर्मचारियों को ई-विकास पोर्टल पर कार्य करने हेतु विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान बी-पेक्स के कृषक सदस्यों के लिए ई-टोकन जारी करने, उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने तथा वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस प्रणाली के माध्यम से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, कालाबाजारी पर रोक लगाने और स्टॉक की सटीक निगरानी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वन-टु-वन तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया
ई-विकास प्रणाली के सुचारु क्रियान्वयन के लिए बैंक मुख्यालय स्तर पर कर्मचारियों द्वारा वन-टु-वन तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण टीम में श्री राजेश गुप्ता (कर्मचारी, बैंक मुख्यालय), प्रभारी प्रबंधक विपणन श्री अशरफ अली सैय्यद, सावन राठौड़, अजय आडतिया, इन्वेंटरी मैनेजर ऋतिक जायसवाल एवं ऑपरेटर अभिषेक यादव शामिल रहे।
इस अवसर पर उपायुक्त सहकारिता खरगोन, उपसंचालक कृषि विभाग एवं प्रबंधक विपणन जिला खरगोन भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ई-विकास प्रणाली को किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।












