एक बिल नंबर से तीन अलग-अलग खर्च, कागजों में ‘78 नंबर’ बना ऑलराउंडर
धार/उमरबन। विशाल भमोरिया| The India Speaks
मध्यप्रदेश को यूं ही “एमपी अजब है” नहीं कहा जाता, लेकिन धार जिले के उमरबन ब्लॉक की ग्राम पंचायत टवलाई खुर्द में सामने आया मामला इस कहावत को और भी दिलचस्प बना देता है। पंचायत के दस्तावेजों में एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसे देखकर ग्रामीण कह रहे हैं — “एमपी अजब… तो धार गज़ब!”
दरअसल पूरा मामला बिल नंबर 78 का है, जो पंचायत के रिकॉर्ड में किसी साधारण बिल की तरह नहीं बल्कि बहुरूपिया कलाकार की तरह नजर आता है। जरूरत के हिसाब से यह बिल अपना रूप बदलता दिखाई दे रहा है।
एक ही बिल नंबर, तीन अलग-अलग काम


पंचायत के उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार 5 जून 2025 को यही बिल नंबर 78 गिट्टी खरीदी के खर्च के रूप में दर्ज किया गया।
इसके बाद 8 नवंबर 2025 को वही बिल पंचायत भवन की रिपेयर और रंग-पोताई के खर्च में उपयोग किया गया।
इतना ही नहीं, 10 नवंबर 2025 को यही बिल नंबर मिक्सर एवं सेटिंग किराए के भुगतान के रूप में सामने आया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि एक ही बिल नंबर से तीन अलग-अलग कार्यों का भुगतान आखिर कैसे किया गया?
गांव में इस पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एक ग्रामीण ने हंसते हुए टिप्पणी की —
“लगता है पंचायत में बिल नहीं, गिरगिट पल रहे हैं… जो जरूरत के हिसाब से रंग बदल लेते हैं।”
ग्रामीणों का कहना है कि बिल नंबर वही, सप्लायर वही, लेकिन काम और तारीख बदलती जा रही है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब यह मामला सिर्फ कागजी त्रुटि है या फिर पंचायत के खजाने से राशि निकालने का कोई नया तरीका, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।गांव में चर्चा है कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।












