जनपद सदस्य ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग, सरपंच-सचिव पर उठे सवाल
बड़वाह। The India Speaks Desk
जनपद पंचायत बड़वाह के अंतर्गत आने वाली सोरठी बारूल ग्राम पंचायत इन दिनों भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। जनपद सदस्य क्रमांक-5 श्रीमती अनिता अभयसिंह काग ने पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जनपद सीईओ से लेकर कलेक्टर जनसुनवाई तक शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में सरपंच और सचिवों की मिलीभगत से 5वें और 15वें वित्त आयोग की राशि में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है, जिसमें लाखों रुपये के गबन की आशंका जताई गई है।
फर्जी बिलों के जरिए निकाली गई राशि का आरोप
शिकायत के अनुसार, अमृत बाल वाटिका योजना के नाम पर फर्जी बिल-व्हाउचर लगाकर 5वें वित्त आयोग से ₹2,23,886 निकाले गए। इसी तरह हरिफोटो कॉफी बड़वाह के नाम पर ₹75,000 (5वां वित्त) और ₹42,313 (15वां वित्त) मिलाकर कुल ₹1,17,313 की राशि कथित रूप से फर्जी तरीके से आहरित की गई।
बिना काम के भुगतान के कई मामले उजागर
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि:
नाडेप निर्माण (बेकलिया) के नाम पर ₹21,600 निकाले गए, जबकि कार्य हुआ ही नहीं।
नाडेप निर्माण (मधुपुरा) के नाम पर ₹45,000 बिना कार्य के निकाले गए।
सार्वजनिक शेड निर्माण के नाम पर ₹98,000 और ₹1,22,190 की राशि खर्च दिखाकर आहरित की गई, जबकि मौके पर कार्य नहीं मिला।
मेंटेनेंस और अन्य कार्यों में भी गड़बड़ी के आरोप
मोटर पंप संधारण के नाम पर ₹99,960
नल-जल योजना व पाइपलाइन के नाम पर ₹5,23,999
कार्यालय व्यय और साफ-सफाई के नाम पर कुल ₹3,30,900
वॉटर शेड और सीसी रोड निर्माण के नाम पर भी राशि निकासी
इन सभी मदों में बिना कार्य के भुगतान और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से राशि निकालने के आरोप लगाए गए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में भी अनियमितता के आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरपंच द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में भी पात्रता से हटकर स्वीकृतियां दी गईं, जिसकी जांच की मांग की गई है।
जनपद सदस्य की मांग: SIT जांच और FIR दर्ज हो
जनपद सदस्य ने मांग की है कि पूरे मामले की बिंदुवार जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए। साथ ही सरपंच और सचिव के वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से रोके जाएं, राशि की वसूली की जाए और दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
आरोपों पर सरपंच और सचिव का जवाब
“मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। मुझे पंचायत में सही से काम नहीं करने दिया जा रहा। जांच होने दीजिए, मैं सभी सबूत प्रस्तुत करूंगी।”
— बसूबाई सखाराम कोचले, सरपंच
“मैं पहले पंचायत में सचिव रहा हूं, लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।”
— कमलसिंह तंवर, भूतपूर्व सचिव
वर्तमान सचिव कालूसिंह निगवाल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
प्रशासन का बयान: जांच दल गठित
“शिकायत प्राप्त हुई है। जांच के लिए दल गठित किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
— मुकेश जैन, CEO जनपद पंचायत बड़वाह












