45 डिग्री तापमान के बीच गांवों में बार-बार पावर कट, बिजली व्यवस्था पर उठने लगे गंभीर सवाल
बड़वाह। The India Speaks Desk
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की बड़वाह तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिनभर तेज धूप और 44 से 45 डिग्री तक पहुंच रहे तापमान के बाद जब लोग रात में राहत की उम्मीद करते हैं, तब बिजली विभाग की लापरवाही उनकी नींद और सुकून दोनों छीन रही है। ग्रामीण इलाकों में प्रतिदिन रात के समय लगभग 30-30 मिनट की पावर कट 2 से 3 बार की जा रही है, जिससे आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
गांवों के लोगों का कहना है कि रात में अचानक बिजली बंद होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। उमस और गर्म हवाओं के बीच पंखे और कूलर बंद होते ही घर भट्टी जैसे महसूस होने लगते हैं। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के कटौती कर रहा है और शिकायत करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा।
“रातभर मच्छरों और गर्मी से जूझ रहे ग्रामीण”
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती ने रात की नींद छीन ली है। कई गांवों में लोग घरों से बाहर निकलकर खुले में बैठने को मजबूर हो रहे हैं। बिजली जाते ही पानी की सप्लाई भी प्रभावित होती है, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।
“दिनभर खेतों में मेहनत करने के बाद रात में आराम भी नसीब नहीं हो रहा। बिजली विभाग को सिर्फ बिल वसूलना आता है, सुविधा देना नहीं।”
— ग्रामीण उपभोक्ताओं की नाराजगी
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार लगातार बेहतर बिजली व्यवस्था के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गर्मी के सबसे कठिन दौर में भी स्थिर बिजली सप्लाई नहीं दी जा सकती, तो करोड़ों रुपये के बिजली सुधार योजनाओं का फायदा आखिर कहां जा रहा है।
लोगों ने यह भी कहा कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। कई गांवों में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या पहले से बनी हुई है, वहीं अब लगातार पावर कट ने हालात और खराब कर दिए हैं।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी असर
रात में हो रही बिजली कटौती का असर बच्चों की पढ़ाई और लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। गर्मी और मच्छरों के कारण कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान बार-बार बिजली जाने से पढ़ाई बाधित हो रही है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि भीषण गर्मी को देखते हुए रात के समय होने वाली अनावश्यक बिजली कटौती तुरंत बंद की जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किए जा सकते हैं।
“ऊपर से आदेश आता है, लोड सेटिंग के कारण करनी पड़ती है कटौती” — MPEB बड़वाह
अब इस मामले में बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने द इंडिया स्पीक्स से फोन पर चर्चा करते हुए बताया कि “ऊपर से आदेश आने पर लोड सेटिंग के कारण बिजली कट करनी पड़ती है।”
MPEB बड़वाह के अनुसार पावर कंजप्शन अधिक है पावर जनरेशन कम होने से लोड सेटिंग करना पड़ रहा है जिसके कारण पावर कट हो रही है।
हालांकि सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में ही यह पावर कट हो रहे है शहरी क्षेत्रों में नहीं।












