ESB के “कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम 2026” पर रखी युवाओं और ग्रामीण अभ्यर्थियों की चिंता
खरगोन। The India Speaks Desk
मध्यप्रदेश शासन द्वारा कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की भर्ती परीक्षाओं के संचालन के लिए प्रस्तावित “कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम, 2026” पर आमजन से सुझाव मांगे जाने के बाद अब युवाओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी अपनी राय शासन तक पहुंचा रहे हैं। इसी क्रम में The India Speaks के संपादक लोकेश कोचले ने भी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन को 10 महत्वपूर्ण सुझाव भेजे हैं।
खरगोन जिले की बड़वाह तहसील के ग्राम कदवालिया निवासी लोकेश कोचले ने अपने सुझावों में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून, भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा तय करने, ग्रामीण छात्रों के लिए जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र बढ़ाने और परीक्षा प्रणाली का डिजिटल ऑडिट कराने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
“युवाओं का भरोसा लौटाना सबसे जरूरी”
लोकेश कोचले ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में अविश्वास का माहौल बना है। पेपर लीक, परीक्षा निरस्तीकरण और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी ने लाखों अभ्यर्थियों का मानसिक और आर्थिक नुकसान किया है। ऐसे में नई नियमावली सिर्फ औपचारिक बदलाव न होकर युवाओं के भरोसे को मजबूत करने वाली होनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी होती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सार्वजनिक रूप से की जाए।
ग्रामीण अभ्यर्थियों की समस्याएं भी उठाईं
लोकेश कोचले ने अपने सुझावों में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के अभ्यर्थियों की परेशानियों को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि कई बार छात्रों को परीक्षा देने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। इसलिए प्रत्येक जिले में पर्याप्त परीक्षा केंद्र बनाए जाने चाहिए।
इसके अलावा परीक्षा निरस्त होने की स्थिति में अभ्यर्थियों की फीस वापस करने और पुनः परीक्षा निशुल्क कराने की मांग भी सुझावों में शामिल की गई है।
सरकार ने 5 जून तक मांगे हैं सुझाव
राज्य शासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार “कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम, 2026” के प्रारूप पर आमजन 5 जून 2026 तक अपने सुझाव और आपत्तियां भेज सकते हैं। सुझाव ई-मेल और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं।












