बिजगोन नाले के पास पुलिस की दबिश, 75 लीटर अवैध शराब जब्त, 300 लीटर महुआ लहान नष्ट
बेड़िया। आशाराम कुंडले | The India Speaks
खरगोन जिले के बेड़िया थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संचालित शराब भट्ठी पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक महिला आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 75 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त की है, जबकि बड़ी मात्रा में महुआ लहान और शराब निर्माण के संसाधनों को नष्ट किया गया।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सादड़बन की रहने वाली सूरजबाई बिजगोन नाले के पास अवैध कच्ची शराब की भट्ठी संचालित कर रही है। सूचना मिलते ही बेड़िया थाना पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर दबिश दी।
पुलिस को देखकर भागने लगी महिला
पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो वहां एक महिला शराब बनाने के उपकरणों के साथ कच्ची शराब का निर्माण करती मिली। पुलिस को देखकर वह भागने का प्रयास करने लगी, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों की मदद से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम सूरजबाई पति बिसन डाबर निवासी सादड़बन खामखेड़ा कसरावद, हाल निवासी लौंदी बेड़िया बताया।
75 लीटर शराब जब्त, लाखों के नुकसान से बचाव
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 75 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त की जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11,250 रुपये बताई गई है। इसके अलावा शराब निर्माण में उपयोग किए जा रहे उपकरण भी जब्त किए गए।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मिले लगभग 300 लीटर महुआ लहान, जिसकी कीमत करीब 30 हजार रुपये आंकी गई, को भी नष्ट कर दिया गया ताकि अवैध शराब निर्माण की प्रक्रिया आगे न बढ़ सके।
आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी महिला के विरुद्ध थाना बेड़िया में अपराध क्रमांक 152/26 दर्ज करते हुए धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण कायम किया है। मामले की जांच जारी है।
“अवैध शराब निर्माण, बिक्री और परिवहन के विरुद्ध खरगोन पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत बेड़िया क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई।”
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई में बेड़िया टूआईसी उपनिरीक्षक हरिप्रसाद पाल, उपनिरीक्षक शीतल सिंघार सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












