खालसा चौक क्षेत्र में सुबह-सुबह मची अफरा-तफरी, सीढ़ियां लगाकर सुरक्षित निकाले गए परिवार
इंदौर। The India Speaks Desk
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब लसूड़िया थाना क्षेत्र के खालसा चौक के पास स्थित एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) शोरूम में अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि शोरूम के ऊपर बने फ्लैटों में रहने वाले कई परिवार फंस गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि स्थानीय नागरिकों, पुलिस और दमकल कर्मियों की तत्परता से 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 0
सुबह की शुरुआत हुई चीख-पुकार और धुएं के गुबार से
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक शोरूम से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र धुएं से भर गया। ऊपर रहने वाले लोग बाहर निकलने का रास्ता तलाशने लगे, लेकिन नीचे आग होने के कारण वे फ्लैटों में ही फंस गए। 1
पड़ोसियों ने सीढ़ियां लगाकर बचाईं जानें
घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने साहस और मानवता की मिसाल पेश की। पड़ोसियों ने कई सीढ़ियों को जोड़कर वैकल्पिक रास्ता बनाया और फंसे हुए लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने भी राहत एवं बचाव अभियान चलाया। 2
“अगर स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे नहीं आते तो स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती थी।”
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच शुरू
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है और प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। आग से शोरूम में रखे कई इलेक्ट्रिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। 3
बड़ा हादसा टला, लेकिन सवाल बरकरार
राहत की बात यह रही कि आग फ्लैटों तक नहीं पहुंची और किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली। लेकिन घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रतिष्ठानों में नियमित फायर ऑडिट और आपातकालीन निकासी व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जानी चाहिए। 4
प्रशासन के लिए चेतावनी
इंदौर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकती है। शुक्रवार की यह घटना सौभाग्य से बिना जनहानि के समाप्त हुई, लेकिन यह प्रशासन, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और नागरिकों सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है।












