कल उठाया था सवाल- आखिर कहां बन रही है कच्ची महुआ शराब? आज पुलिस ने जंगलों में मार दी दबिश
बड़वाह। The India Speaks Desk
लगातार कच्ची महुआ शराब की बड़ी खेप पकड़ने के बाद The India Speaks ने मंगलवार को सवाल उठाया था कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब कहां तैयार की जा रही है और क्या पुलिस शराब बनाने वाले अड्डों तक भी पहुंचेगी? महज 24 घंटे के भीतर इस सवाल का जवाब पुलिस कार्रवाई के रूप में सामने आया है।
बड़वाह पुलिस ने बुधवार तड़के ग्राम रावत पलासिया, मठ पलासिया और टिटवा पलासिया के जंगलों में नाले किनारे संचालित अवैध शराब निर्माण स्थलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब की भट्टियां ध्वस्त कर दीं। कार्रवाई में करीब 6000 लीटर लहान और शराब निर्माण में उपयोग होने वाले संसाधनों को नष्ट किया गया।
जंगलों में चल रहा था अवैध शराब का नेटवर्क
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीनों गांवों के जंगलों में नाले किनारे बड़ी संख्या में अवैध शराब की भट्टियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तड़के सुबह संयुक्त दबिश दी।
सर्चिंग अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर करीब 30 ड्रमों में भरा हुआ लगभग 6000 लीटर लहान बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये है। मौके पर मौजूद भट्टियों और शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को भी नष्ट कर दिया गया।
कल शराब तस्कर पकड़े गए, आज पहुंची पुलिस भट्टियों तक
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही बड़वाह पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 120 लीटर कच्ची महुआ शराब और दो मोटरसाइकिल जब्त करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई के बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि क्षेत्र में कहीं न कहीं अवैध शराब निर्माण का संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
अब जंगलों में मिली भट्टियों और हजारों लीटर लहान की बरामदगी ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है कि अवैध शराब का कारोबार केवल परिवहन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे बड़ा उत्पादन तंत्र भी काम कर रहा था।
क्या मुख्य सरगनाओं तक पहुंचेगी जांच?
हालांकि पुलिस ने भट्टियों और लहान को नष्ट कर दिया है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन अवैध ठिकानों का संचालन कौन कर रहा था और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर हैं कि क्या पुलिस इस नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं तक भी पहुंचेगी या कार्रवाई केवल भट्टियां नष्ट करने तक सीमित रहेगी।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह राठौड़ के नेतृत्व में की गई। अभियान में थाना बड़वाह के अधिकारियों और जवानों की विशेष भूमिका रही।












