बड़वाह। द इंडिया स्पीक्स डेस्क। बड़वाह में शराब दुकानों पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज्यादा कीमत वसूले जाने का मामला सामने आया है। द इंडिया स्पीक्स के स्टिंग ऑपरेशन में ₹140 MRP अंकित बीयर की कैन के लिए ₹150 वसूले जाने का दावा सामने आया है। इतना ही नहीं, दो कैन खरीदने पर कुल ₹300 का भुगतान किया गया, जबकि दोनों कैन की अंकित MRP के हिसाब से कीमत ₹280 होती है।
मामले में ₹20 अधिक वसूली का आरोप है। इस पूरे लेन-देन का डिजिटल भुगतान प्रमाण भी मौजूद है, जिसमें 22 अगस्त 2026 को ₹300 का भुगतान दर्ज है।
स्टिंग में सामने आया पूरा मामला
द इंडिया स्पीक्स के स्टिंग के दौरान बीयर की दो कैन खरीदी गईं। दोनों कैन पर ₹140-₹140 MRP अंकित थी। इसके बावजूद दोनों के लिए कुल ₹300 लिए गए। यानी प्रति कैन ₹150 की दर से राशि वसूली गई।
जब वाइन शॉप के अटेंडर से इस अतिरिक्त राशि को लेकर सवाल किया गया तो उसने खुद को केवल कर्मचारी बताते हुए कहा कि जो उसे कहा जाता है, वह वही करता है।
अटेंडर के इस जवाब ने शराब दुकानों पर कीमत निर्धारण और वहां होने वाली बिक्री की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल आबकारी विभाग की निगरानी पर
यदि किसी शराब दुकान पर MRP से अधिक कीमत वसूली जा रही है, तो सवाल यह है कि आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है?
क्या विभाग को शराब दुकानों पर हो रही ऐसी वसूली की जानकारी है? यदि जानकारी है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? और यदि जानकारी नहीं है तो दुकानों की जांच और निगरानी किस तरह की जा रही है?
यह मामला केवल ₹20 की अतिरिक्त वसूली का नहीं, बल्कि शराब बिक्री व्यवस्था में नियमों के पालन और उपभोक्ताओं से निर्धारित कीमत से अधिक राशि लिए जाने की निगरानी से जुड़ा गंभीर सवाल है।
अब आबकारी विभाग के जवाब का इंतजार
द इंडिया स्पीक्स के स्टिंग और उपलब्ध भुगतान प्रमाण के बाद अब निगाहें आबकारी विभाग पर हैं। विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और संबंधित शराब दुकान/ठेकेदार से क्या जवाब मांगता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
नोट: इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोप स्टिंग में सामने आए घटनाक्रम और उपलब्ध भुगतान प्रमाण पर आधारित हैं। संबंधित शराब ठेकेदार एवं आबकारी विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।












