कदवालिया में 1.18 करोड़ की सड़क पर मुरूम परिवहन से निर्माण कार्य प्रभावित, ठेकेदार ने लगाया दादागिरी का आरोप
बड़वाह। लोकेश कोचले। The India Speaks Desk
बड़वाह विकासखंड के ग्राम कदवालिया में लगभग 1 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सीसी रोड भारी मुरूम वाहनों की आवाजाही के कारण समय से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगी है। वर्षों के इंतजार के बाद ग्रामीणों को मिली इस सड़क पर निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है और कई स्थानों पर स्लैब टूटने, दरारें आने तथा गिट्टी बाहर निकलने जैसी स्थिति सामने आने लगी है। इससे निर्माण गुणवत्ता के साथ-साथ सड़क की भविष्य की मजबूती को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
यह सड़क एएस कंस्ट्रक्शन द्वारा बनाई जा रही है। ठेकेदार का आरोप है कि मुरूम से भरे भारी-भरकम डंपर लगातार निर्माणाधीन सड़क का उपयोग कर रहे हैं, जबकि सड़क अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है।
बैरिकेड हटाकर निकाले जा रहे वाहन, कर्मचारियों को धमकाने का आरोप
निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के अनुसार कई बार भारी वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वाहन चालक और संबंधित लोग दादागिरी करते हुए बैरिकेड हटाकर वाहन निकाल ले जाते हैं। इतना ही नहीं, निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों को भी डराने-धमकाने के आरोप लगाए गए हैं।
PWD ने दी कार्रवाई की चेतावनी
लोक निर्माण विभाग बड़वाह के एसडीओ ने बताया कि ठेकेदार की लिखित शिकायत प्राप्त हो चुकी है। विभाग संबंधित मुरूम परिवहनकर्ताओं को नोटिस जारी करेगा। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही सड़क को हुए नुकसान का आकलन कर संबंधित पक्षों से क्षतिपूर्ति एवं जुर्माना भी वसूला जाएगा।
दो स्थानों पर निर्माण अभी बाकी, पुलिया निर्माण भी प्रभावित
जानकारी के अनुसार सड़क का निर्माण अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। दो स्थानों पर सीसी स्लैब डाली जाना शेष है। इनमें से एक स्थान पर पुलिया का निर्माण होना है, जिसके लिए बेस तैयार कर पाइप भी बिछाए जा चुके हैं। लेकिन लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण वहां तैयार की गई स्लैब टूट चुकी है और पाइप पर भी अत्यधिक दबाव बनने की स्थिति पैदा हो गई है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो निर्माण कार्य और अधिक प्रभावित हो सकता है।
14 टन क्षमता वाली सड़क पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
ठेकेदार के अनुसार इस सड़क की डिजाइन लोड क्षमता लगभग 14 टन है। इसके बावजूद इससे कहीं अधिक वजन वाले मुरूम से भरे डंपर लगातार इस मार्ग से गुजर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि यदि निर्माणाधीन अवस्था में ही सड़क टूटने लगी है तो क्या यह सड़क अपनी निर्धारित आयु तक टिक पाएगी? ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मिली सड़क यदि शुरुआत में ही क्षतिग्रस्त हो गई तो सरकारी धन की बर्बादी के साथ जनता को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
अब सभी की निगाहें लोक निर्माण विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। फिलहाल पीडब्ल्यूडी ने नोटिस जारी करने, एफआईआर दर्ज कराने और नुकसान की भरपाई कराने की बात कही है। अब देखना होगा कि क्या विभाग अपने दावे के अनुसार संबंधित परिवहनकर्ताओं पर कार्रवाई करता है, या यह मामला भी राजनीतिक दबाव का शिकार हो जाएगा। साथ ही इस पूरे मामले में केवल भारी वाहनों की आवाजाही ही नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक होगी।












