खरगोन। शिक्षिका नीलोफर की संदिग्ध मौत के मामले में करीब डेढ़ महीने से फरार चल रहे उसके पति नईम खान फतेह को खरगोन पुलिस ने राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस टीम ने उसका पीछा करते हुए कई राज्यों में पड़ताल की और आखिरकार उसके जयपुर में होने की जानकारी मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया।
मामले की शुरुआत 15 अगस्त 2026 को नीलोफर की मौत से हुई थी। शुरुआती तौर पर उसकी मौत को एसिड पीने की घटना बताया गया और शव को दफना दिया गया था। लेकिन नीलोफर के मायके पक्ष ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए पुलिस से जांच और पोस्टमार्टम की मांग की।
कब्र खुली तो सामने आए चोट के निशान
मायके पक्ष की शिकायत के बाद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नीलोफर की कब्र खुलवाई गई। शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस जांच में शरीर पर चोट के निशान और कथित तौर पर सिगरेट से जलाने के निशान मिलने की बात सामने आई।
इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई और नीलोफर के पति नईम खान फतेह के खिलाफ हत्या तथा साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार नईम अपनी पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का संदेह करता था। इसी को लेकर उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना किए जाने की बात जांच में सामने आई।
5 राज्यों में बदले ठिकाने, पुलिस करती रही पीछा
मामला दर्ज होने के बाद नईम फरार हो गया। पुलिस के अनुसार वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। उसकी तलाश में खरगोन पुलिस की टीमें इंदौर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान तक पहुंचीं।
पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए साइबर टीम की भी मदद ली। उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के साथ पुलिसकर्मियों ने स्थानीय स्तर पर अलग-अलग तरीके से सुराग तलाशे।
रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस टीम ने कहीं ढाबे पर काम करने वाले व्यक्ति की तरह जानकारी जुटाई तो कहीं ई-रिक्शा और पान की दुकान से जुड़े लोगों से पूछताछ कर आरोपी के बारे में सुराग हासिल किए।
इसी पड़ताल के दौरान पुलिस को आरोपी के जयपुर में होने की सूचना मिली। टीम जयपुर पहुंची और नईम को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम था घोषित
आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने के कारण खरगोन पुलिस अधीक्षक रविंद्र वर्मा ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। उसके देश से बाहर भागने की आशंका को देखते हुए लुकआउट नोटिस की कार्रवाई भी की गई थी।
पुलिस के अनुसार नईम के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। खरगोन और गोगावां थानों में उसके खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और तोड़फोड़ के अलावा आर्म्स एक्ट, IT Act और POCSO Act से जुड़े प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
नईम की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे नीलोफर की मौत की परिस्थितियों, कथित प्रताड़ना, फरारी के दौरान उसके ठिकानों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
कब्र से शुरू हुई जांच ने खोली पूरी कहानी
इस मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि जिस मौत को शुरुआत में एसिड पीने की घटना माना गया था, उसमें मायके पक्ष के संदेह के बाद कब्र खुली और जांच का रुख बदल गया। पोस्टमार्टम में सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने हत्या के आरोप में जांच आगे बढ़ाई और फरार आरोपी को पकड़ने के लिए कई राज्यों तक पहुंची।
अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि नीलोफर की मौत से पहले उसके साथ वास्तव में क्या हुआ था, हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं और घटना के बाद साक्ष्य छिपाने की कोशिश किस स्तर तक की गई।










