खरगोन। | The India Speaks
मध्य प्रदेश में बिजली विभाग के आउटसोर्स, संविदा और नियमित अधिकारी-कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। म.प्र. विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मंच ने 20 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। मांगें पूरी नहीं होने पर 3 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा करने की बात कही गई है।
संयुक्त मंच ने सोमवार, 12 अक्टूबर को खरगोन जिले में आंदोलन की सूचना कलेक्टर, विद्युत गृहों और संबंधित कंपनी मुख्यालयों को भेजी। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
16 अक्टूबर को धरना, 26 अक्टूबर को भोपाल में प्रदर्शन
संयुक्त मंच की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, आंदोलन के दूसरे चरण में 16 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों, कंपनी मुख्यालयों और विद्युत गृहों में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
तीसरे चरण में 26 अक्टूबर को भोपाल में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों के निराकरण की मांग की जाएगी।
संगठन के अनुसार, इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर 3 नवंबर को भोपाल के ठेंगड़ी भवन में संयुक्त बैठक कर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
आउटसोर्स, संविदा और नियमित कर्मचारियों की 20 सूत्रीय मांगें
यह आंदोलन म.प्र. बिजली कर्मचारी महासंघ, पॉवर इंजीनियर्स एवं एम्प्लाइज एसोसिएशन (PEEA) और म.प्र. बाह्य स्त्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन के संयुक्त नेतृत्व में किया जा रहा है। तीनों संगठन भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध बताए गए हैं।
संयुक्त मंच ने बिजली कंपनियों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों और नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों की 20 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। हालांकि, संगठन की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना में सभी 20 मांगों का विस्तृत विवरण शामिल नहीं है।
अब देखना होगा कि विद्युत कंपनियों और शासन स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और प्रस्तावित आंदोलन को रोकने के लिए कोई बातचीत शुरू होती है या नहीं।
खरगोन में संयुक्त मंच ने भेजी आंदोलन की सूचना
खरगोन जिले में आंदोलन की सूचना भेजने के दौरान संयुक्त मंच से जुड़े अधिकारी राजू कोठे सहित कर्मचारी लोकेंद्र वर्मा, इंदर सिंह गोथरे, महेश मुजाल्दे, दिलीप मुजाल्दे, बाह्य स्रोत विद्युत कर्मचारी अनिल प्रजापत, विनोद भालसे और सुनील सोलंकी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
संगठन की ओर से सुशील पाण्डेय, महामंत्री म.प्र. बिजली कर्मचारी महासंघ; अजय कुमार मिश्रा, महासचिव पॉवर इंजीनियर्स एवं एम्प्लाइज एसोसिएशन (PEEA); और शिव राजपूत, अध्यक्ष म.प्र. बाह्य स्त्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन के नाम से जानकारी जारी की गई।
यदि मांगों का निराकरण नहीं होता है, तो नवंबर में प्रस्तावित कार्य बहिष्कार से बिजली कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, फिलहाल अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा नहीं हुई है, बल्कि इसे लेकर 3 नवंबर को निर्णय लेने की बात कही गई है।








