बड़वाह। द इंडिया स्पीक्स डेस्क
बड़वाह क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लोड शेडिंग के नाम पर दिन और रात में घंटों हो रही अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। इस समस्या के विरोध में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर बिजली विभाग, बड़वाह को ज्ञापन सौंपा और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि दिन और रात में लगातार 4 से 5 घंटे तक बिजली गुल रहने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
कदवालिया, जगतपुरा, बागफल, खोड़ी, नाया, उमरिया, खेड़ी, खामखेड़ा, रामकुल्ला, लोंदी और काटकूट सहित बड़वाह क्षेत्र के कई गांवों में बिजली कटौती की समस्या सामने आ रही है।
गर्मी और मच्छरों के बीच रात गुजारने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय तक बिजली गुल रहने के कारण छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को गर्मी और मच्छरों की परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसान और मजदूर दिनभर खेतों और कामकाज में मेहनत करने के बाद घर लौटते हैं, लेकिन रात में बिजली नहीं रहने से उन्हें सुकून की नींद तक नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब गांवों में रहने वाले उपभोक्ता भी नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो उन्हें घंटों बिजली कटौती का सामना क्यों करना पड़ रहा है? ग्रामीणों का कहना है कि शहरों की तुलना में गांवों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने की समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
DE बोले- कई जिलों में चल रही समस्या, जल्द होगा निराकरण
बिजली कटौती के मामले में विद्युत विभाग के DE हिमांशु चौहान ने कहा, “लोड सेटिंग के कारण सिर्फ यहां ही नहीं, कई जिलों में अभी यह समस्या चल रही है। हम इस पर कार्य कर रहे हैं। जल्द से जल्द इसका निराकरण किया जाएगा व सुनिश्चित किया जाएगा कि कम से कम बिजली कटौती हो।”
चौहान ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से आवश्यकतानुसार बिजली की खपत करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि बिजली का जरूरत के अनुसार उपयोग किया जाए, जिससे बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन
अघोषित बिजली कटौती के विरोध में सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने लोड शेडिंग के नाम पर घंटों होने वाली बिजली कटौती बंद करने, बिजली आपूर्ति का निर्धारित रोस्टर जारी करने और कटौती की स्थिति में पूर्व सूचना देने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम पंचायत उमरिया के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत बागफल के सरपंच दौलत मंसोरे, सामाजिक कार्यकर्ता यशवंत मंसोरे, कालू यादव, देवकरण पटेल, नरेंद्र खांडे एवं पत्रकार लोकेश कोचले सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
अब ग्रामीणों को बिजली विभाग के आश्वासन पर अमल होने और अघोषित बिजली कटौती से राहत मिलने का इंतजार है।










