बड़वाह में जय स्तंभ चौराहे पर एक घंटे तक चक्काजाम, परिजनों ने की हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग
बड़वाह। (लोकेश कोचले) | The India Speaks
खरगोन जिले के करही थाना क्षेत्र के ग्राम पीटामली निवासी 24 वर्षीय चंद्रशेखर उर्फ चंदू पिता विक्रम पंवार का शव रविवार को बड़वाह के समीप सिरलाय स्थित ओंकारेश्वर परियोजना के पम्पिंग स्टेशन की नहर में मिला। 8 अक्टूबर की रात से लापता युवक का शव मिलने की खबर से परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने इंदौर-इच्छापुर हाईवे के जय स्तंभ चौराहे पर चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि युवक को पहले जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
परिजनों ने युवक की मौत के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, चंद्रशेखर की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी की संलिप्तता है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
धमकी की शिकायत के बाद भी क्या हुई कार्रवाई?
परिजनों के अनुसार, चंद्रशेखर 8 अक्टूबर की रात से लापता था। उसके पिता विक्रम पंवार और परिचित जयराम गुर्जर ने कुछ लोगों पर जान से मारने की धमकी देने और युवक के अपहरण की आशंका से जुड़ी शिकायत किए जाने की बात कही है।
परिजनों का आरोप है कि करही पुलिस ने उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की और केवल गुमशुदगी दर्ज की। अब युवक का शव मिलने के बाद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
यदि युवक के लापता होने से पहले धमकी की शिकायत दी गई थी, तो उस पर क्या कार्रवाई की गई? क्या शिकायत में बताए गए लोगों से पूछताछ हुई थी? युवक की तलाश के लिए पुलिस ने कौन-कौन से कदम उठाए? इन सवालों के जवाब सामने आना जरूरी है। फिलहाल ये परिजनों द्वारा उठाए गए सवाल हैं, जिनकी पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड और पुलिस के पक्ष से होना बाकी है।
जय स्तंभ चौराहे पर चक्काजाम, एक घंटे प्रभावित रहा यातायात
चंद्रशेखर का शव मिलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण जय स्तंभ चौराहे पर एकत्रित हो गए। प्रदर्शनकारियों ने इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी मांग थी कि युवक को कथित तौर पर धमकी देने और उसके लापता होने से जुड़े मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
चक्काजाम के कारण करीब एक घंटे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर बड़वाह एसडीओपी मुकेश इजारदार और थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से चर्चा कर मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने एसडीओपी को लिखित आवेदन सौंपकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पर टिकी नजर
एसडीओपी मुकेश इजारदार ने परिजनों को आश्वस्त किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर युवक की मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, धमकी संबंधी कथित शिकायत और गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा उठाए गए कदम अहम होंगे। जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि चंद्रशेखर की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके लापता होने से जुड़े घटनाक्रम में क्या तथ्य सामने आते हैं।
युवक की मौत से परिवार ने अपना सदस्य खो दिया है, वहीं घटना ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और परिजनों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।










