न्यायाधीशों ने बंदियों की समस्याएं सुनीं, स्वास्थ्य और सुविधाओं की भी ली जानकारी
बड़वाह। The India Speaks Desk
उप जेल बड़वाह में तहसील न्यायालय बड़वाह के तत्वावधान में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में तहसील विधिक अध्यक्ष एवं प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अविनाश शर्मा तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट कु. वंदना मालवीय विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
शिविर के दौरान न्यायाधीशों ने जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक सहायता एवं न्यायिक प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही बंदियों से उनकी व्यक्तिगत एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में भी चर्चा की गई।
जेल में 83 बंदी निरुद्ध
जानकारी के अनुसार उप जेल बड़वाह में वर्तमान में कुल 83 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें 76 विचाराधीन बंदी, 5 सजायाफ्ता बंदी एवं 2 सिविल बंदी शामिल हैं।
न्यायाधीशों द्वारा बंदियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
“बंदियों को भी कानून द्वारा निर्धारित अधिकार प्राप्त हैं और उन्हें न्यायिक सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है।”
भोजन, स्वास्थ्य और सुविधाओं का लिया जायजा
शिविर के दौरान न्यायाधीशगण ने जेल में बंदियों को दिए जाने वाले नाश्ते, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी भी ली। स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
इस अवसर पर जेलर युवराज सिंह मुवेल, पैरालीगल वालंटियर कु. दीपमाला शर्मा, न्यायालय कर्मचारी प्रदीप पाराशर सहित जेल स्टाफ के सदस्य रोहित चौहान, केतन अलोने एवं फार्मिस्ट राजेश कर्मा उपस्थित रहे।












