“उबालते ही फटे 10 में से 10 पैकेट” – The India Speaks की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा
बड़वाह | विशेष संवाददाता
ग्रामीण अंचलों में उपभोक्ताओं को सांची ब्रांड का जो दूध सप्लाई हो रहा है, वह न केवल घटिया क्वालिटी का है, बल्कि सीधा स्वास्थ्य पर हमला बनता जा रहा है। The India Speaks को कई उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों के अनुसार, दूध के पैकेट उबालते ही फट रहे हैं, और अधिकांश में दुर्गंधयुक्त व जमे हुए दूध की स्थिति पाई गई।
🧯 एक ही घर में 6 पैकेट उबालते ही फटे
एक प्रमुख उपभोक्ता के घर सांची स्मार्ट के ₹10 वाले दूध के छहों पैकेट जैसे ही गर्म किए गए, सभी फट गए। एक पैकेट परीक्षण हेतु सुरक्षित रखा गया है। यह कोई अलग घटना नहीं है — गांवों में कई परिवारों ने खराब दूध की शिकायत की है। किसी के यहां 2 पैकेट, तो किसी के यहां 4–5।

क्या यह वाकई “सांची” का दूध है? या नकली सप्लाई गांवों में धड़ल्ले से चल रही है?
सबसे बड़ा सवाल — क्या गांवों में असली सांची ब्रांड का दूध पहुंच भी रहा है?
– पैकिंग की गुणवत्ता संदिग्ध
– दूध की गंध और रंग में विचलन
– सप्लाई चैन में पारदर्शिता की कमी
The India Speaks की ग्राउंड रिपोर्ट में पाया कि कई दुकानदार सीधे बड़वाह स्थित सांची प्वाइंट से यह दूध मंगवा रहे हैं, लेकिन पैकेटों की स्थिति यह सवाल खड़ा कर रही है कि या तो सप्लाई में गड़बड़ी है या सांची प्वाइंट पर ही मिलावट हो रही है।
💬 दुकानदार बोले – “हमें खुद नहीं पता था कि गर्म करने पर फटेगा”
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि उन्हें सप्लाई तो सांची प्वाइंट से ही मिलती है, लेकिन अब ग्राहक लौटकर शिकायत कर रहे हैं और पैकेट बदलने की मांग कर रहे हैं।

“हर बार नया पैकेट देना पड़ता है, आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है, अब ग्राहक विश्वास भी खोने लगे हैं।”
कई उपभोक्ताओं ने इस फटे दूध से चाय बना ली – स्वास्थ्य पर खतरा!
गांवों में जागरूकता की कमी के कारण कई उपभोक्ताओं ने फटे दूध को पहचान नहीं पाए और उससे चाय बना ली।
यह सीधा-सीधा FSSAI मानकों का उल्लंघन और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
The India Speaks की माँग:
- सांची प्वाइंट बड़वाह से सप्लाई हो रहे दूध की जांच की जाए।
- खराब दूध के बैच नंबर और उत्पादन तिथि की सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए।
- नकली या मिलावटी सप्लाई की स्थिति में कठोर कार्रवाई हो।
📸 फटे हुए दूध के खाली पैकेट्स के प्रमाण, फोटो व वीडियो तथा एक पैकेट दूध जांच के लिए “The India Speaks” के पास सुरक्षित हैं और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों को सौंपे जाएंगे।
📩 क्या आपके पास भी ऐसा कोई पैकेट आया है?
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