📢 अपने क्षेत्र से जुड़ी भ्रष्टाचार की खबरे या विज्ञापन देने के लिए संपर्क करे
📞 7772828778 | 📩 Email: editor@theindiaspeaks.com

खरगोन। जमीन का नामांतरण कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे एक व्यक्ति से कथित तौर पर 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपए की पहली किश्त लेते पटवारी खुम सिंह धारवे को रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में सेगांव तहसीलदार अंतर सिंह कनेश और पटवारी कुलदीप यादव के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। तीनों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पत्नी की जमीन के नामांतरण के लिए शुरू हुआ मामला

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार कसरावद बड़ी निवासी पुनीत नाड़ीवाल ने 25 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी ममता नाड़ीवाल के नाम से सेगांव तहसील के सतावड़ गांव में कृषि भूमि है, जिसका नामांतरण कराया जाना था।

शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने इस संबंध में सेगांव तहसीलदार अंतर सिंह कनेश से संपर्क किया। आरोप है कि तहसीलदार ने उन्हें संबंधित पटवारी से संपर्क करने के लिए कहा।

इसके बाद पुनीत नाड़ीवाल ने पटवारी खुम सिंह धारवे से संपर्क किया। लोकायुक्त को दी गई शिकायत के मुताबिक नामांतरण कराने के लिए 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई। रिपोर्टों के अनुसार यह रकम हलका क्रमांक 26 के पटवारी कुलदीप यादव के माध्यम से मांगे जाने का आरोप भी सामने आया है।

शिकायत का सत्यापन हुआ, फिर बिछाया गया ट्रैप

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपों का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद 28 सितंबर 2026 को ट्रैप कार्रवाई की गई।

लोकायुक्त टीम ने खरगोन शहर में शारदा हॉस्पिटल के सामने पाटीदार मेडिकल के पास कार्रवाई की। यहां पटवारी खुम सिंह धारवे को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। यह रकम कथित तौर पर मांगी गई 2 लाख रुपए की रिश्वत की पहली किश्त थी।

धारवे की पदस्थापना कसरावद तहसील के दसनावल गांव के हलका नंबर 5 में पटवारी के रूप में बताई गई है।

पटवारी पकड़ा गया, लेकिन जांच का दायरा बढ़ा

कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी खुम सिंह धारवे, पटवारी कुलदीप यादव और सेगांव तहसीलदार अंतर सिंह कनेश के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

लोकायुक्त के अनुसार तीनों की भूमिका की जांच की जा रही है। यानी फिलहाल धारवे को रिश्वत की रकम लेते हुए ट्रैप किया गया है, जबकि तहसीलदार और दूसरे पटवारी के संबंध में उनकी कथित भूमिका की जांच चल रही है।

मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और बीएनएस की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की रिपोर्ट है।

नामांतरण जैसे काम के लिए इतनी बड़ी रकम क्यों?

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि विवाद किसी बड़े ठेके या करोड़ों रुपए के सरकारी भुगतान का नहीं, बल्कि कृषि भूमि के नामांतरण जैसे राजस्व काम से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार इस काम के लिए 2 लाख रुपए की मांग की गई।

लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब जांच का अहम सवाल यही है कि 2 लाख रुपए की कथित मांग किस स्तर तक थी और नामांतरण की प्रक्रिया में तीनों आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी। इसका जवाब जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में सामने आएगा।

लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास के नेतृत्व में गठित टीम ने की। टीम में प्रधान आरक्षक विजय तथा आरक्षक शैलेन्द्र सिंह, आशीष नायडू, चंद्रमोहन बिष्ट, मनीष माथुर और श्रीकृष्ण अहिरवार शामिल रहे।

ASUS Vivobook Laptop Buy Now

Leave a Reply

📢 The India Speaks में रिपोर्टर भर्ती शुरू!

क्या आपके पास खबरों की समझ है? क्या आप अपने क्षेत्र की सच्चाई सामने लाना चाहते हैं?

🔍 The India Speaks अपने नेटवर्क के विस्तार के लिए स्थानीय रिपोर्टर नियुक्त कर रहा है।

✍️ ज़िम्मेदारियां:

✅ पात्रता:

💼 लाभ:

📲 आवेदन करें:

📧 ईमेल: editor@theindiaspeaks.com
📞 मोबाइल: 7772828778

⚠️ यह भर्ती केवल गंभीर और ज़िम्मेदार अभ्यर्थियों के लिए है। स्थान सीमित हैं।