रेलवे ब्रिज के नीचे होने वाली थी डील, पुलिस की घेराबंदी में खुला नशीली दवाओं के नेटवर्क का बड़ा राज
खंडवा। अनिल चौरसिया | The India Speaks
खंडवा शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1600 अल्प्राजोलम टैबलेट, एक इलेक्ट्रिक स्कूटर, मोबाइल फोन और नकदी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी डिलीवरी बॉय और सामान्य गतिविधियों की आड़ लेकर शहर में नशीली गोलियों की सप्लाई कर रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल


पुलिस को सूचना मिली थी कि रेलवे ब्रिज के नीचे कब्रिस्तान के पास नशीली गोलियों की एक बड़ी खेप की डील होने वाली है। सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान दो आरोपियों के पास से 100 अल्प्राजोलम गोलियां बरामद हुईं।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने नशीली गोलियों की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों के नाम बताए, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाया और दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आए सप्लायर
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 1600 प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह लंबे समय से नशीली दवाओं की सप्लाई में सक्रिय था और युवाओं तक इन गोलियों को पहुंचाने का काम कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
- मोहम्मद रईस (32), निवासी हातमपुरा, खंडवा
- शेख साहिल (25), निवासी छीपा कॉलोनी, खंडवा
- फारिस (40), निवासी लालबाग, बुरहानपुर
- सुभाष महाजन (60), निवासी सिकारपुरा, बुरहानपुर
युवाओं को बना रहे थे निशाना?
अल्प्राजोलम जैसी दवाएं चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित होती हैं, लेकिन इनका अवैध उपयोग नशे के रूप में किए जाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की दवाओं की अवैध बिक्री युवाओं के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
“नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है।”
पुलिस की कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा
शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए की गई इस कार्रवाई को खंडवा पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।












