कमलनाथ ने सरकार को घेरा, कहा — “महंगाई रोकने के बजाय पूरा बोझ जनता पर डाला जा रहा”
भोपाल। The India Speaks Desk
मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की चिंता और बढ़ा दी है। प्रदेश में पहले से ही देश के सबसे महंगे ईंधन दरों में शामिल पेट्रोल-डीजल अब नई बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की पहुंच से और दूर होते नजर आ रहे हैं। कई शहरों में पेट्रोल ₹115 प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है, जबकि डीजल ₹100 के पार निकल चुका है।
ईंधन की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर सरकार की आर्थिक नीतियों और टैक्स व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
“सरकार ने जनता पर डाल दिया पूरा बोझ” — कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने ट्वीट में लिखा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹2.61 और ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद मध्यप्रदेश में पेट्रोल लगभग ₹115 और डीजल ₹100 प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 15 मई को हुई पहली बढ़ोतरी के दौरान ही चेतावनी दी थी कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में कीमतें लगातार बढ़ सकती हैं। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि सरकार समय रहते महंगाई नियंत्रण के लिए कदम उठाने में विफल रही।
“दुर्भाग्य की बात है कि सरकार महंगाई रोकने के लिए टैक्स में कटौती करने के बजाय सारा बोझ जनता पर डाल रही है।”
“जब कच्चा तेल सस्ता था तब राहत क्यों नहीं मिली?”
कमलनाथ ने यह भी सवाल उठाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार ने आम जनता को राहत क्यों नहीं दी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि टैक्स कम करने के बजाय लगातार जनता से वसूली की जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतें आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती हैं, क्योंकि इसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी और महंगाई पर पड़ता है।
प्रदेश के बड़े शहरों में क्या हैं नए रेट?
नई दरों के मुताबिक भोपाल में पेट्रोल ₹114.65 प्रति लीटर और डीजल ₹99.74 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं उज्जैन प्रदेश का सबसे महंगा शहर बनकर सामने आया है, जहां पेट्रोल ₹115.03 और डीजल ₹100.11 प्रति लीटर बिक रहा है।
इंदौर में पेट्रोल ₹114.54 और डीजल ₹99.57 प्रति लीटर हो गया है। जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बढ़ते दामों से आम आदमी, किसान और व्यापारी प्रभावित
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थ, सब्जियां, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की वस्तुएं भी महंगी हो जाती हैं।
डीजल की कीमतों में उछाल से किसान और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि व्यापारियों के मुताबिक माल ढुलाई महंगी होने से बाजार में कीमतें और बढ़ेंगी।
“मध्यप्रदेश में पहले ही ईंधन पर भारी VAT और अतिरिक्त टैक्स लागू हैं, ऐसे में नई बढ़ोतरी ने जनता की कमर तोड़ने का काम किया है।”
सोशल मीडिया पर भी बढ़ा गुस्सा
ईंधन कीमतों को लेकर सोशल media पर भी लोगों की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर महंगाई से राहत कब मिलेगी और क्या सरकार टैक्स कम करने पर विचार करेगी या नहीं।












