उप स्वास्थ्य केंद्र के पास अवैध प्लॉटिंग का खेल, सरपंच ने SDM से लगाई गुहार
बड़वाह। The India Speaks Desk
प्रशासन द्वारा सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। बड़वाह क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर कब्जे का खेल खुलेआम जारी है और जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने हुए हैं। भू-माफिया लगातार सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर मकान बनाकर बेचने की तैयारी में जुटे हैं।
सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से निर्माण, कार्रवाई शून्य
मामला ग्राम पंचायत सोरठी बारूल के सापट क्षेत्र का है, जहां खसरा नंबर 38/2/1/2 (रकबा 0.5670 हेक्टेयर) शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। इस भूमि का एक हिस्सा (0.0600 हेक्टेयर) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए आवंटित किया गया है।
लेकिन शेष भूमि पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर मकान और दुकानों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। दिन-रात चल रहे इस निर्माण कार्य को देखकर भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि यह जमीन मुख्य काटकूट-बड़वाह सड़क पर स्थित होने के कारण भू-माफिया इसे बेचकर बड़ा मुनाफा कमाने की फिराक में हैं।
धीरे-धीरे कब्जा, खेती भी शुरू
सूत्रों के अनुसार, अतिक्रमणकर्ता न केवल मकान बना रहे हैं बल्कि जमीन पर खेती भी शुरू कर दी गई है, जिससे धीरे-धीरे पूरी जमीन पर कब्जा जमाने की रणनीति अपनाई जा रही है। उप स्वास्थ्य केंद्र के पास हो रहा यह निर्माण भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है।
संत की भूमि के नाम पर भी कब्जा
पास की जमीन खसरा नंबर 38/2/2, जो दर्शनदास गुरु सरस्वतीदास के नाम पर दर्ज थी, वहां भी संत की मृत्यु के बाद अवैध निर्माण हो चुका है। अब उसी पैटर्न पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का सिलसिला जारी है।
सरपंच ने SDM को लिखा पत्र
ग्राम पंचायत सोरठी बारूल की सरपंच श्रीमती बसुबाई (प्रतिनिधि: सकाराम कोचले) ने SDM को पत्र लिखकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
“उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए आवंटित भूमि के आसपास शासकीय जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर कब्जा हटाए और शेष भूमि को सुरक्षित करने में पंचायत का सहयोग करे।”
सरपंच ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि पंचायत द्वारा बाउंड्रीवाल बनाकर शेष भूमि पर वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे भविष्य में अतिक्रमण रोका जा सके।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की निष्क्रियता पर खड़ा हो रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पास हो रहे अवैध निर्माण के बावजूद कार्रवाई न होना कई संदेहों को जन्म देता है।












