📢 अपने क्षेत्र से जुड़ी भ्रष्टाचार की खबरे या विज्ञापन देने के लिए संपर्क करे
📞 7772828778 | 📩 Email: editor@theindiaspeaks.com

मोहन सरकार की नई गाइडलाइन लागू, 23 हजार से अधिक पंचायत सचिवों पर पड़ेगा असर

भोपाल। The India Speaks Desk

मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार अब कोई भी पंचायत सचिव अपने गृहग्राम या ससुराल की ग्राम पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकेगा। इसके साथ ही जिस पंचायत में सचिव का रिश्तेदार सरपंच या उपसरपंच चुना गया है, वहां भी संबंधित सचिव का तबादला किया जाएगा।

विभाग ने 9 जून 2026 को आदेश जारी करते हुए सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कराई जाए।

15 जून तक होंगे जिले के भीतर तबादले

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पंचायत सचिवों के जिले के भीतर होने वाले स्थानांतरण 15 जून 2026 तक पूरे किए जाएंगे। स्थानांतरण प्रस्ताव जिला कलेक्टर की अनुशंसा और प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बाद जारी होंगे। अंतिम आदेश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी किए जाएंगे।

नई गाइडलाइन में कुछ विशेष परिस्थितियों को अनिवार्य स्थानांतरण की श्रेणी में रखा गया है।

  • यदि पंचायत सचिव का रिश्तेदार सरपंच या उपसरपंच चुना गया हो।
  • यदि सचिव अपने पैतृक गांव (गृहग्राम) की पंचायत में पदस्थ हो।
  • यदि सचिव ससुराल स्थित पंचायत में कार्यरत हो।
  • यदि सचिव एक ही ग्राम पंचायत में 10 वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्थ हो।

सरकार का मानना है कि इससे पंचायत प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय प्रभाव और संभावित हितों के टकराव को कम किया जा सकेगा।

सरकार को क्यों करनी पड़ी सख्ती?

पंचायत विभाग के अनुसार पूर्व वर्षों में बड़ी संख्या में ऐसे पंचायत सचिव नियुक्त हुए थे जिनका संबंध स्थानीय जनप्रतिनिधियों या प्रभावशाली परिवारों से था। कई मामलों में जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आईं। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने नई तबादला गाइडलाइन में सख्त प्रावधान जोड़े हैं।

नई व्यवस्था के तहत भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, अनुशासनात्मक कार्रवाई, लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू अथवा अन्य जांच एजेंसियों से जुड़े मामलों में स्थानांतरण प्रतिबंध अवधि के दौरान भी कार्रवाई की जा सकेगी। ऐसे मामलों में विभागीय मंत्री की स्वीकृति के बाद आदेश जारी किए जाएंगे।

महिला सचिवों को विशेष राहत

सरकार ने महिला पंचायत सचिवों को विशेष सुविधा भी प्रदान की है। विवाहित महिला सचिव अपने पति के जिले, जबकि विधवा और तलाकशुदा महिला सचिव अपने माता-पिता के जिले में अंतरजिला संविलियन के लिए आवेदन कर सकेंगी। हालांकि इस सुविधा का लाभ केवल एक बार ही मिलेगा।

23 हजार से अधिक सचिव आएंगे दायरे में

प्रदेश में वर्तमान में 23 हजार से अधिक पंचायत सचिव कार्यरत हैं। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद बड़ी संख्या में सचिवों के स्थानांतरण की संभावना जताई जा रही है। पंचायत राज संचालनालय द्वारा पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि गृहग्राम, ससुराल और रिश्तेदारी आधारित पदस्थापना पर रोक से पंचायत स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रशासनिक निष्पक्षता मजबूत होगी और स्थानीय दबाव में होने वाले निर्णयों पर अंकुश लगेगा। सरकार का यह कदम ग्रामीण प्रशासन में जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ASUS Vivobook Laptop Buy Now

Leave a Reply

📢 The India Speaks में रिपोर्टर भर्ती शुरू!

क्या आपके पास खबरों की समझ है? क्या आप अपने क्षेत्र की सच्चाई सामने लाना चाहते हैं?

🔍 The India Speaks अपने नेटवर्क के विस्तार के लिए स्थानीय रिपोर्टर नियुक्त कर रहा है।

✍️ ज़िम्मेदारियां:

✅ पात्रता:

💼 लाभ:

📲 आवेदन करें:

📧 ईमेल: editor@theindiaspeaks.com
📞 मोबाइल: 7772828778

⚠️ यह भर्ती केवल गंभीर और ज़िम्मेदार अभ्यर्थियों के लिए है। स्थान सीमित हैं।