बिना लाइसेंस, सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण के नौकायन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध, आदेश उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
खरगोन। The India Speaks Desk
नर्मदा नदी किनारे स्थित घाटों, जलाशयों एवं अन्य नदी क्षेत्रों में संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री भव्या मित्तल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत संपूर्ण खरगोन जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 2 जून 2026 से आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा।
अवैध नाव संचालन और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर रोक
जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी नदी क्षेत्रों एवं जलाशयों में बिना वैध अनुमति, सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों के नाव, बोट तथा वाटर स्पोर्ट्स से जुड़ी गतिविधियों का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य मानसून पूर्व और मानसून अवधि में जल दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना तथा पर्यटकों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नाव संचालकों के लिए निर्धारित किए गए अनिवार्य मानक
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी नाव संचालकों के पास नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स (NIWS) से जारी वैध लाइसेंस होना आवश्यक होगा। इसके अलावा लाइफ सेविंग एवं रेस्क्यू प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी अनिवार्य किया गया है।
प्रत्येक नाव के लिए निम्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना जरूरी होगा—
- नाव का तकनीकी रूप से फिट होना
- निर्धारित कैरिंग कैपेसिटी का पालन
- पर्याप्त संख्या में गुणवत्ता युक्त लाइफ जैकेट एवं लाइफ बॉय
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की उपलब्धता
सेफ्टी ऑडिट और गाइडलाइन पालन अनिवार्य
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले में संचालित सभी नौकाओं का प्रतिवर्ष सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। वहीं वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के संचालन में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करना होगा।
मौसम और वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही नौकायन गतिविधियों की अनुमति होगी। पर्यटकों को नाव में बैठाने से पहले लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य रहेगा तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश डेमॉन्स्ट्रेशन के माध्यम से दिए जाएंगे।
आदेश उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए हैं।
“नदी घाटों एवं जलाशयों में आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”











