INS Baaz के विस्तार की वकालत करते हुए केंद्र सरकार पर साधा निशाना, राष्ट्रीय सुरक्षा के दावे पर भी खड़े किए सवाल
नई दिल्ली। The India Speaks Desk
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर है तो उसे ग्रेट निकोबार परियोजना की बजाय INS Baaz नौसैनिक अड्डे के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए।
राहुल गांधी ने दावा किया कि यूपीए सरकार के दौरान स्थापित INS Baaz पिछले पांच वर्षों से विस्तार की मांग कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने नौसेना की इस आवश्यकता को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रेट निकोबार परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है तो सरकार को तत्काल INS Baaz का विस्तार करना चाहिए, जिसका वह और पूरा विपक्ष समर्थन करेगा।
पर्यावरण और जनजातीय समुदायों का मुद्दा भी उठाया
राहुल गांधी ने कहा कि INS Baaz तटीय क्षेत्र में स्थित है और इसके विस्तार के लिए न तो बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की आवश्यकता है और न ही किसी जनजातीय समुदाय को विस्थापित करना पड़ेगा। इसके विपरीत ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय जनजातीय आबादी पर पड़ने वाले असर को लेकर लगातार चिंताएं जताई जाती रही हैं।
“राष्ट्रीय सुरक्षा नहीं, जमीन सौंपने की योजना”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना का वास्तविक उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना देश की महत्वपूर्ण भूमि को निजी व्यावसायिक हितों के लिए उपलब्ध कराने की योजना है और इसके लिए सेना तथा राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है।
“देश की रक्षा सेना करती है। होटल और कैसीनो नहीं।”
— राहुल गांधी
सरकार का क्या है पक्ष?
केंद्र सरकार का कहना है कि ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की समुद्री और रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के निकट एक बड़े ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास के उद्देश्य से तैयार की गई है। सरकार का दावा है कि परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
हालांकि, परियोजना को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है और पर्यावरणीय, सामरिक तथा आर्थिक पहलुओं पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।










