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बड़वाह-काटकूट मार्ग पर स्थित पर्यटन विभाग के साइन बोर्ड के निचले हिस्से में दिखीं तकनीकी खामियां, जनहित में द इंडिया स्पीक्स ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया

बड़वाह। लोकेश कोचले। The India Speaks Desk

बड़वाह के काटकूट फाटा से सिद्धवरकूट मार्ग पर स्थित मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के सैलानी आइलैंड रिसॉर्ट का दिशा-सूचक बोर्ड इन दिनों सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय बना हुआ है। द इंडिया स्पीक्स द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण में बोर्ड का पोल लगभग 15 डिग्री तक झुका हुआ दिखाई दिया, जबकि इसके निचले हिस्से में भी कई तकनीकी खामियां नजर आईं।

यह बोर्ड पर्यटकों को प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सैलानी आइलैंड की दिशा बताने के लिए स्थापित किया गया है। मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। ऐसे में बोर्ड की वर्तमान स्थिति संभावित खतरे की ओर संकेत करती है।

निचले हिस्से में दिखीं तकनीकी खामियां

द इंडिया स्पीक्स की पड़ताल में सामने आया कि बोर्ड के आधार (बेस प्लेट) में लगे कई एंकर बोल्ट खुले दिखाई दे रहे हैं। कुछ स्थानों पर नट-बोल्ट अनुपस्थित अथवा ढीले प्रतीत हुए। इसके अलावा बेस प्लेट और कंक्रीट फाउंडेशन के बीच गैप भी नजर आया। लोहे के ढांचे पर जंग लगने के स्पष्ट निशान दिखाई दिए, जिससे इसकी मजबूती और स्थिरता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रथम दृष्टया यह स्थिति संकेत देती है कि बोर्ड को तत्काल तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि इसकी वास्तविक तकनीकी स्थिति का आकलन संबंधित विभाग द्वारा विस्तृत जांच के बाद ही किया जा सकेगा।

मुख्य मार्ग होने से बढ़ी चिंता

जिस स्थान पर यह दिशा-सूचक बोर्ड स्थापित है, वह बड़वाह से काटकूट जाने वाला प्रमुख मार्ग है। इस मार्ग का उपयोग काटकूट क्षेत्र के अनेक गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन के लिए करते हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले वाहन भी बड़ी संख्या में इस सड़क से गुजरते हैं।

ऐसे में यदि झुके हुए बोर्ड की समय रहते जांच और आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई तो यह राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जोखिम का कारण बन सकता है। सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से इस प्रकार की संरचनाओं का सुरक्षित और मजबूत स्थिति में होना आवश्यक माना जाता है।

बारिश और तेज हवा में बढ़ सकती है आशंका

वर्तमान में मानसून का दौर जारी है और क्षेत्र में समय-समय पर तेज हवाएं तथा वर्षा हो रही है। ऐसे मौसम में पहले से झुकी हुई किसी भी धातु संरचना की नियमित निगरानी और रखरखाव आवश्यक हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी संरचनाओं का समय-समय पर तकनीकी परीक्षण किया जाना चाहिए ताकि किसी भी संभावित जोखिम को पहले ही रोका जा सके।

“जनहित को ध्यान में रखते हुए द इंडिया स्पीक्स संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करता है। यदि बोर्ड की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत समय रहते कराई जाती है तो किसी संभावित दुर्घटना की आशंका को रोका जा सकता है।”

प्रशासन और विभाग से अपेक्षा

समाचार के माध्यम से मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया जाता है कि स्थल का निरीक्षण कर बोर्ड की वास्तविक स्थिति का आकलन कराया जाए। आवश्यकता होने पर तत्काल मरम्मत, नट-बोल्ट की पुनर्स्थापना अथवा संरचना को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि पर्यटकों, ग्रामीणों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

प्रशासन का पक्ष

द इंडिया स्पीक्स ने इस संबंध में बड़वाह एसडीएम श्री सत्यनारायण दर्रो से चर्चा की। मामले की जानकारी देने पर उन्होंने संबंधित विभाग से बात करने की बात कही। प्रशासन की इस प्रतिक्रिया के बाद अब संबंधित विभाग द्वारा स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की जा रही है।

जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर स्थानीय नागरिकों और राहगीरों की निगाहें अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते बोर्ड की तकनीकी जांच और मरम्मत कराई जाती है तो संभावित जोखिम को कम किया जा सकता है।

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