बड़वाह | The India Speaks Desk
सिखों के आठवें गुरु श्री गुरु हरकिशन साहिब जी का प्रकाश पर्व बड़वाह में श्रद्धा, भक्ति एवं सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगत ने भाग लेकर गुरु जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
समिति के अध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह ने कहा कि गुरु हरकिशन साहिब जी सिखों के सबसे कम उम्र के गुरु थे। वे मात्र 5 वर्ष की आयु में गुरु गद्दी पर विराजमान हुए, लेकिन कम आयु में भी उन्होंने मानवता, आध्यात्मिक ज्ञान और निस्वार्थ सेवा का अनुपम संदेश दिया।
चेचक और हैजा पीड़ितों की की थी निस्वार्थ सेवा
समिति के सचिव सरदार परविंदर सिंह एवं सरदार गुलबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में चेचक और हैजा जैसी महामारी फैलने के दौरान गुरु हरकिशन साहिब जी ने दिन-रात पीड़ित लोगों की सेवा कर मानवता की मिसाल पेश की।
कीर्तन, सहज पाठ और लंगर का हुआ आयोजन
कोषाध्यक्ष सरदार हरविंदर सिंह एवं सरदार सतविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि गुरु हरकिशन साहिब जी को श्रद्धापूर्वक ‘बाला प्रीतम’ के नाम से भी स्मरण किया जाता है। प्रकाश पर्व के अवसर पर सबसे पहले भाई बुध सिंह एवं अवतार सिंह के जत्थे द्वारा संगत के साथ आसा दी वार का कीर्तन किया गया। इसके पश्चात सहज पाठ की संपूर्णता हुई और अरदास के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में सरदार गुरभेज सिंह, सरदार जितेंद्र सिंह, सरदार इकबाल सिंह, सरदार राजेंद्र सिंह, सरदार गुरूबख्श सिंह, सरदार रविंदर सिंह, सरदार कमलदीप सिंह, सरदार सुरजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संगत के लिए गुरु का लंगर आयोजित किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।












