भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आए शक्तिशाली झटके के बाद सुनामी अलर्ट, राहत-बचाव अभियान जारी
फिलीपींस। The India Speaks Desk
दक्षिण-पूर्व एशिया के द्वीपीय देश फिलीपींस में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे और भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आए इस भूकंप के झटकों से मिंडानाओ क्षेत्र सहित कई शहर हिल उठे। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 32 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 130 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
भूकंप का केंद्र सारंगानी प्रांत के तट के पास समुद्र में बताया गया है। झटके इतने तेज थे कि लोग नींद से जागकर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग खुले मैदानों में शरण लेने को मजबूर हुए।
जनरल सैंटोस सिटी में सबसे ज्यादा असर
भूकंप का सबसे ज्यादा असर मिंडानाओ द्वीप और जनरल सैंटोस सिटी के आसपास के क्षेत्रों में देखा गया। कई व्यावसायिक भवनों, दुकानों और सार्वजनिक संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। कुछ इमारतों के हिस्से गिरने की भी खबर है। सड़कों में दरारें पड़ गईं और कई स्थानों पर बिजली तथा संचार सेवाएं प्रभावित हुईं।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। क्षतिग्रस्त इमारतों में फंसे लोगों को निकालने का अभियान जारी है।
भूकंप ऐसे समय आया जब कई क्षेत्रों में स्कूल खुलने की तैयारियां चल रही थीं। झटके महसूस होते ही छात्र, शिक्षक और कर्मचारी भवनों से बाहर निकल आए। कई शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है।
सुनामी अलर्ट से कई देशों में बढ़ी चिंता


भूकंप के बाद फिलीपींस, जापान, इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई। समुद्र में असामान्य लहरों की गतिविधि दर्ज होने के बाद तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
हालांकि कुछ घंटों बाद अधिकांश क्षेत्रों में सुनामी चेतावनी हटा ली गई, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और समुद्र तटों से दूर रहने की अपील की है।
मुख्य भूकंप के बाद 200 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए गए हैं। इनमें से कई झटके काफी शक्तिशाली रहे, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और झटके महसूस किए जा सकते हैं।
आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है।
राष्ट्रपति मार्कोस ने की समीक्षा
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सहायता पहुंचाई जा रही है और प्रशासनिक टीमों को लगातार स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
एक आधिकारिक बयान में सरकार ने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी प्रभावित लोगों तक मदद नहीं पहुंच जाती।
भूकंप के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने फिलीपींस के प्रति संवेदना व्यक्त की है। विभिन्न देशों ने जरूरत पड़ने पर मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश भी की है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय राहत संगठन भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
‘रिंग ऑफ फायर’ में फिर दिखी प्रकृति की ताकत
फिलीपींस प्रशांत महासागर के उस भूभाग में स्थित है जिसे ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां अक्सर बड़े भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस भूकंप की तीव्रता और समुद्र में स्थित केंद्र को देखते हुए इसका प्रभाव व्यापक क्षेत्र में महसूस किया गया। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी हैं और मृतकों तथा घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।











