द इंडिया स्पीक्स / खेल डेस्क /सौरभ सावले
दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे के बीच जारी टेस्ट सीरीज़ के दूसरे मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को उस पल का इंतज़ार था, जब एक नया इतिहास लिखा जाता। वियान मुल्डर, जो पहली बार टेस्ट टीम की कप्तानी कर रहे हैं, ने ऐसी पारी खेली जिसे सदियों तक याद किया जाएगा।
367 रन की नाबाद पारी खेलने के बाद वे महान ब्रायन लारा के 400 रनों के विश्व रिकॉर्ड से केवल 33 रन दूर थे। पूरा स्टेडियम, टीवी पर नज़रें टिकाए करोड़ों दर्शक और कमेंट्री बॉक्स – सबको बस एक चीज़ का इंतज़ार था: क्या मुल्डर नया इतिहास रचेंगे?
लेकिन लंच से ठीक पहले, मुल्डर ने वो कर दिखाया जो शायद हर कोई नहीं कर पाता – उन्होंने टीम की जीत को प्राथमिकता देते हुए पारी घोषित कर दी।
👉 यह फैसला सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं था, यह एक लीडर का निर्णय था। उन्होंने साबित कर दिया कि कभी-कभी व्यक्तिगत रिकॉर्ड से बढ़कर टीम की ज़रूरत होती है।
✅ इस पारी के साथ वियान मुल्डर:
कप्तानी की पहली पारी में सबसे बड़ा स्कोर (367*)
टेस्ट क्रिकेट में पांचवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान द्वारा सबसे बड़ी पारी
📢 दुनिया को एक नया सुपरस्टार मिल चुका है – और वो सिर्फ अपने बल्ले से नहीं, अपने फैसलों से भी चमक रहा हैं।






