विभाग ने खुद पुलिस को लिखा था पत्र, फिर भी कार्रवाई पर बना हुआ है सस्पेंस
बड़वाह। The India Speaks Desk
बड़वाह क्षेत्र में सामने आए सरकारी केबल बरामदगी मामले को लेकर अब कई सवाल खड़े होने लगे हैं। करीब 11 महीने पहले विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पुलिस को लिखित सूचना देकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक न तो एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि सामने आई है और न ही विभागीय जांच के परिणाम सार्वजनिक किए गए हैं।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार जुलाई 2025 में विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने एक खेत से 25 स्क्वायर मिमी की 4 केबल ड्रम बरामद होने की जानकारी पुलिस को दी थी। विभागीय पत्र में केबल पर MPWZ की मार्किंग होने का उल्लेख करते हुए मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया गया था।
11 महीने बाद भी कई सवाल अनुत्तरित
मामले को लेकर जब विद्युत विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने विभागीय जांच जारी होने की बात कही। हालांकि जांच किस स्तर पर है, अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं और जिम्मेदारी तय हुई या नहीं, इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
यही कारण है कि अब स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि मामला इतना गंभीर था कि पुलिस को लिखित सूचना भेजी गई, तो फिर जांच और कार्रवाई की वर्तमान स्थिति क्या है?
पारदर्शिता की मांग तेज
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि सरकारी संपत्ति से जुड़े मामलों में जांच की प्रगति और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति न बने।
लोगों का मानना है कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है तो विभाग और पुलिस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है और आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
“जांच जारी है, निष्कर्ष सामने आने पर जानकारी मिल जाएगी।”
— विभागीय अधिकारियों द्वारा दिया गया जवाब
सबसे बड़ा सवाल
करीब 11 महीने बाद भी जांच का अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी केबल बरामदगी मामले की जांच आखिर किस चरण में है और जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी?
प्रशासन, पुलिस और विद्युत विभाग की ओर से स्पष्ट स्थिति सामने आने का इंतजार अब भी बना हुआ है।












