ट्रेड वॉच क्वार्टरली की आठवीं रिपोर्ट जारी, फार्मा सेक्टर में वैश्विक विस्तार की संभावनाओं पर फोकस
नई दिल्ली। The India Speaks Desk
नीति आयोग ने 23 जून 2026 को ट्रेड वॉच क्वार्टरली (Q4 FY 2025-26) का आठवां संस्करण जारी किया। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में रिपोर्ट का विमोचन किया। रिपोर्ट में भारत के व्यापारिक प्रदर्शन, निर्यात-आयात के रुझानों तथा फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत का व्यापारिक प्रदर्शन लचीला और मजबूत बना रहा। इस दौरान मर्चेंडाइज निर्यात 2.8 प्रतिशत घटकर 112 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि आयात 11.9 प्रतिशत बढ़कर 195.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
सेवा निर्यात बना अर्थव्यवस्था की ताकत
वहीं सेवा क्षेत्र ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और सेवा निर्यात 111.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इसके चलते भारत का सेवा क्षेत्र अधिशेष मजबूत बना रहा। पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान देश का कुल व्यापार 1.84 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इस अवधि में कुल निर्यात में 4.2 प्रतिशत और आयात में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत लगातार नए वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है।
फार्मा सेक्टर में बड़े अवसर
इस तिमाही की थीम भारत के फार्मास्यूटिकल उद्योग पर केंद्रित रही। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में वैश्विक फार्मास्यूटिकल और एपीआई आयात की मांग लगभग 1.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है, जबकि भारत का फार्मा निर्यात 35.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।
रिपोर्ट में बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स, वैक्सीन और एडवांस्ड थैरेप्यूटिक्स जैसे क्षेत्रों में भारत के लिए व्यापक संभावनाएं बताई गई हैं। साथ ही अनुसंधान एवं विकास, घरेलू एपीआई उत्पादन क्षमता, नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय नियामकीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
नीति आयोग का मानना है कि यदि भारत नवाचार, अनुसंधान और आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करता है तो वैश्विक फार्मास्यूटिकल बाजार में उसकी हिस्सेदारी और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं।












