कम लागत, स्वस्थ मृदा और अधिक उत्पादन के लिए किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का संदेश
खरगोन। The India Speaks Desk
विश्व पर्यावरण दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य संचालित कृषि आधारित विशेष अभियान के अंतर्गत किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जिला खरगोन द्वारा सीता मंगल भवन, बिस्टान रोड, खरगोन में प्राकृतिक खेती विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के लाभों से अवगत कराना था।
प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि कम लागत में अधिक उत्पादन भी संभव है। उन्होंने जिले के किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाने का आग्रह किया।
विधायक राजकुमार मेव ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से पर्यावरण और स्वास्थ्य की दृष्टि से इस पद्धति को अपनाने का आह्वान किया।
कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल ने अपने संबोधन में किसानों से रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करने और प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि कर सकता है। प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
“प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी प्रभावी माध्यम है।”
किसानों को किया सम्मानित
कार्यशाला में प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही प्राकृतिक उत्पादों के निर्माण, उपयोग और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में उनकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होती है और भूमि की उत्पादक क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है।
कार्यक्रम में पार्टी जिला अध्यक्ष श्रीमती नंदा ब्राम्हणे, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह तवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बापू सिंह परिहार, किसान संघ मोर्चा अध्यक्ष नारायण पाटीदार सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मिलिंद कुमार नागदेवे, उप संचालक कृषि शिव सिंह राजपूत, परियोजना संचालक आत्मा मदन सिंह कनाश तथा कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
कार्यशाला के माध्यम से जिले में प्राकृतिक खेती के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ तथा किसानों को टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धति अपनाने की दिशा में प्रेरित किया गया।












