विश्व पर्यावरण दिवस पर सेक्टर-5 पार्षद ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, क्षेत्रवासियों से की वृक्षारोपण की अपील
करनाल। राजेंद्र करनाल | The India Speaks
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सेक्टर-5 के पार्षद सुभाष कंबोज ने पर्यावरण संरक्षण और हरित क्रांति को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति ही हमारे जीवन को सुरक्षित और संतुलित बनाए रख सकती है। यदि हमें शुद्ध हवा और स्वस्थ वातावरण में जीवन जीना है तो पेड़-पौधों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।
सुभाष कंबोज ने कहा कि आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह प्रकृति के संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि शुद्ध वायु के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती और वृक्ष ही हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।
“हरियाली हमारे जीवन की अनमोल पूंजी है। हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए ताकि हम शुद्ध हवा का आनंद ले सकें और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण छोड़ सकें।” — सुभाष कंबोज, पार्षद सेक्टर-5
पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत
पार्षद सुभाष कंबोज ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, जल संकट और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बनाए और इसके प्रति जागरूकता फैलाने में योगदान दे।
उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वर्षा चक्र को नियमित रखने तथा जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेना भी जरूरी है।
पर्यावरण हितैषी जीवनशैली अपनाने का आह्वान
सुभाष कंबोज ने लोगों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
इस अवसर पर राघव धीर ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी नागरिकों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और हरित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
हरित और स्वस्थ भारत बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने आह्वान किया कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर जन-जागरूकता और सतत प्रयास का माध्यम बने।
अंत में क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की गई।











