खरगोन के पांच जलाशयों में मछुआरी की आड़ में करोड़ों का खेल, मंत्री ने फोड़ा घोटाले का जाल!
खरगोन। प्रभु रंसोरे | The India Speaks
खरगोन जिले के पांच बड़े जलाशयों में मछलियों से ज्यादा भ्रष्टाचार तैर रहा है! आवंटन के नाम पर सांठगांठ, फर्जी कागजों और दलाली का पूरा रैकेट सामने आने के बाद राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने जांच के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
यह मामला जिला पंचायत सदस्य श्री ओमप्रकाश सांवले (क्षेत्र-16, खरगोन) की शिकायत के बाद उजागर हुआ, जिन्होंने कहा कि मत्स्योद्योग विभाग में “भाई-भतीजावाद” और “रिश्वत” के दम पर तालाब बांटे जा रहे हैं।
संचालनालय का बड़ा एक्शन — नई टीम मैदान में
मत्स्योद्योग संचालनालय भोपाल ने आदेश क्रमांक 2656/म./शिकायत/2025-26, दिनांक 16/09/2025 जारी करते हुए चंदनपुरा, गगन, नवलपुरा, अंबकनाला और डेहरी क्रमांक-1 तालाबों के आवंटन से जुड़े सभी आदेश रद्द कर दिए हैं।
अब नवीन जांच समिति को 7 दिन में जलाशयवार रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच समिति के नाम — जिन पर अब सबकी नज़र
श्रीमति शशिकला गोलाईत, उप संचालक मत्स्योद्योग, भोपाल संभाग — अध्यक्ष
उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, जिला खरगोन/प्रतिनिधि — सदस्य
📞 7772828778 | 7723024600
श्री शिरीष अग्निहोत्री, प्रभारी सहायक संचालक मत्स्योद्योग, भोपाल — सदस्य सचिव
श्री वीरेन्द्र चौहान, प्रभारी सहायक संचालक मत्स्योद्योग, नर्मदापुरम — सदस्य
“सात दिन में रिपोर्ट दो, वरना कार्रवाई तय। समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। कोई भी अधिकारी जांच में ढिलाई न बरते। यह मामला शासन स्तर पर गंभीरता से मॉनिटर किया जा रहा है।”
— संचालक, मत्स्योद्योग मध्यप्रदेश
क्या तालाब से निकलेंगे मगरमच्छ? — जांच से पहले ही हलचल तेज
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रभावशाली नामों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इन जलाशयों का आवंटन “ठेके की बजाय रिश्तों के दम पर” हुआ था।
अब जब जांच समिति सक्रिय हुई है, तो कई बड़े मगरमच्छों की सांसें फूली हुई हैं। सवाल बड़ा है —
क्या पानी साफ़ होगा या फिर भ्रष्टाचार की गहराई में सच फिर डूब जाएगा?
खरगोन का यह “मछली घोटाला” अब पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर रहा है।












