सरकार के स्वच्छता अभियान की उड़ रही धज्जियां, ग्रामीण बोले – महीनों से न सफाई हुई, न लाइट जली
खरगोन। प्रभु रंसोरे | The India Speaks
खरगोन जिले की ग्राम पंचायत बन्डेरा में स्वच्छता और व्यवस्था के नाम पर हकीकत बेहद निराशाजनक है।
26 अक्टूबर को ग्रामीणों की सूचना पर The India Speaks के प्रतिनिधि ने जब मौके का मुआयना किया, तो पूरे गांव में गंदगी, जमी नालियां और खुले में फैला कचरा दिखाई दिया।
सरकारी योजनाओं के नाम पर चल रहे अभियान यहां केवल कागज़ों में ही नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत क्षेत्र में नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई।
कचरा संग्रहण की कोई व्यवस्था नहीं है, और हर गली-कूचे में कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है।
गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार सरपंच और सचिव को मौखिक रूप से शिकायतें दीं, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
“हमने कई बार कहा कि सफाई कराओ और लाइट लगवाओ, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। अधिकारी केवल सर्वे करने आते हैं, काम नहीं करते।”
— ग्राम बन्डेरा के एक ग्रामीण ने The India Speaks से कहा।
सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर पंचायत में नाड़ेप टैंक बनाए गए हैं ताकि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डाला जा सके।
लेकिन बन्डेरा में ये टैंक महीनों से भरे पड़े हैं।
ग्रामीणों के पास अब खुले में कचरा फेंकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
इससे गांव में दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
स्वच्छता के साथ-साथ विद्युत व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है।
रात होते ही गांव अंधेरे में डूब जाता है, क्योंकि न तो सड़कों पर लाइटें जलती हैं और न ही नई लगाई गई हैं।
लोगों का कहना है कि अंधेरे में निकलना भी खतरनाक हो गया है।
“गांव में एक भी खंभे पर लाइट नहीं जलती, रात में डर लगता है निकलने में।”
— एक स्थानीय महिला निवासी ने बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति केवल लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है।
सरकार स्वच्छता और विकास योजनाओं पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीन पर उसका कोई असर नहीं दिख रहा।
अब सवाल यह है कि आख़िर वह पैसा जा कहां रहा है, और क्यों जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह ग्राम पंचायत बन्डेरा के सरपंच और सचिव पर सख्त कार्रवाई करे।
लोगों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से जनआंदोलन करेंगे।












