पशु जागरूकता शिविरों के जरिए किसानों को मिलेगा सीधा लाभ, 242 ग्राम चयनित
खरगोन। The India Speaks Desk
जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, उन्नत पशुपालन को प्रोत्साहित करने तथा पशु स्वास्थ्य एवं पोषण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा “क्षीर धारा ग्राम” योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत जिले के विभिन्न ग्रामों में चरणबद्ध तरीके से पशु जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
9 विकासखंडों के 242 ग्राम होंगे शामिल
योजना के प्रथम चरण में जिले के 9 विकासखंडों के कुल 242 ग्रामों का चयन किया गया है। इनमें खरगोन से 22, कसरावद से 27, महेश्वर से 36, बड़वाह से 53, भीकनगांव से 36, झिरन्या से 16, भगवानपुरा से 12, सेगांव से 17 तथा गोगांवा से 23 ग्राम शामिल हैं।
इन ग्रामों का चयन ऐसे क्षेत्रों के आधार पर किया गया है जहां उन्नत पशुपालकों की संख्या अधिक है और पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण एवं टैगिंग का स्तर 70 प्रतिशत से अधिक है।
अप्रैल–मई में विशेष शिविरों का आयोजन
चयनित ग्रामों में अप्रैल और मई माह के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन शिविरों में पशुओं के लिए बाँझपन निवारण, टीकाकरण, बधियाकरण तथा गोबर एवं गौमूत्र के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
इस पहल से पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
पशुपालकों से अधिकाधिक सहभागिता की अपील
“क्षीर धारा ग्राम योजना के तहत आयोजित शिविरों में पशुपालक अपने पशुओं का उपचार कराएं और विभागीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर योजना का अधिकतम लाभ लें।”
यह अपील उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. जीएस सोलंकी द्वारा जिले के सभी पशुपालकों से की गई है।
योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूती
“क्षीर धारा ग्राम” योजना न केवल दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देगी बल्कि पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी सहायक साबित होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।












