शायरी, कविता और साहित्यिक अभिव्यक्तियों से गूंजा करनाल, साहित्यकारों ने समाज को दिया संवेदनाओं का संदेश
करनाल। राजेंद्र करनाल | The India Speaks
अल्फा सिटी में “मन की उड़ान” संस्था द्वारा तेईसवें साहित्यिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से जुड़े साहित्यकारों, शायरों, कवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लेकर अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर इकबाल पानीपती ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी संदीप नैन उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में कुलवन्त सिंह रफीक, गायत्री कौशल आर्य एवं दयाल चन्द जास्ट शामिल रहे। कार्यक्रम में साहित्य और समाज के संबंधों पर गंभीर विचार साझा किए गए।
“साहित्य समाज को नया दर्पण दिखाता है”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शायर इकबाल पानीपती ने कहा कि साहित्य जीवन का अनमोल मार्गदर्शन है, जो समाज को नई दिशा और नई सोच प्रदान करता है। उन्होंने अपनी पंक्तियों से माहौल को गंभीरता और संवेदनशीलता से भर दिया—
“हर तरफ थी आग की लपटें, धुआं था बेशुमार,
आप कहते हैं कि बस्ती में जला कुछ भी नहीं…”
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ महावीर प्रसाद शास्त्री ने अपनी रचना के माध्यम से आधुनिक जीवन और विदेश मोह पर व्यंग्यात्मक प्रस्तुति दी। वहीं मुख्य अतिथि संदीप नैन ने कहा कि साहित्य समाज में चेतना जागृत कर सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
कविताओं और ग़ज़लों से सजी साहित्यिक शाम
कार्यक्रम में विभिन्न कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम, समाज, संघर्ष, संवेदनाओं और जीवन दर्शन को अभिव्यक्त किया।
कुलवन्त सिंह रफीक ने बेटियों पर मार्मिक पंक्तियां प्रस्तुत कीं—
“मनहूस हवाओं से बचाती हैं बेटियां,
घर को मुहब्बतों से सजाती हैं बेटियां…”
शायरा गायत्री कौशल आर्य ने प्रेम और भावनाओं को शब्दों में पिरोया, जबकि कवि दयाल चन्द जास्ट ने युद्ध और शांति पर सारगर्भित विचार रखे।
कवयित्री पूनम गोयल, कवि दलीप खरेरा, युवा शायर रामेश्वर देव, कवि डॉ आरबी कपूर, डॉ सुभाष सैनी, प्रेम पाल सागर, नरेश लाभ, रोजलीन, अनुजा कपूर, वनीता चौपड़ा, अशोक मलंग, राजकुमार ‘मायूस’, डॉ श्याम सिंह, प्रीति सिंह और डॉ सोनिया नैन सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
सम्मान समारोह भी रहा आकर्षण का केंद्र
संस्था की ओर से कार्यक्रम अध्यक्ष, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन युवा शायर रामेश्वर देव ने किया।
इस अवसर पर स. गुरमुख सिंह वड़ैच, राजपाल रोजड़ा, रमेश कुमार सहित कई साहित्य प्रेमियों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में वीरेंद्र कुमार, नवीन Kumar, गोपाल दास, आरती, शीला रानी, सुरेखा, देव और प्रिया सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।












