वर्षा ऋतु से पहले स्वास्थ्य विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान, मच्छरों की रोकथाम पर दिया जोर
कोदबार बुजुर्ग। The India Speaks Desk
प्रमुख खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र मिमरोट के निर्देश पर सोमवार, 1 जून 2026 को ग्राम कोदबार बुजुर्ग में मलेरिया जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला में सेक्टर सुपरवाइजर खड़कसिंह चौहान एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रिया सिंह ने ग्रामीणों को मच्छरों की रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि घरों में उपयोग किए जाने वाले कूलरों को सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली कर सुखाना चाहिए, ताकि उनमें मच्छरों के लार्वा विकसित न हो सकें।
रुके हुए पानी को बताया सबसे बड़ा खतरा
मलेरिया निरीक्षक उस्मान पठान ने कहा कि घरों एवं आसपास जमा रुके हुए पानी में जला हुआ ऑइल डालने से मच्छरों के अंडे नष्ट हो जाते हैं और लार्वा विकसित नहीं हो पाते। उन्होंने ग्रामीणों से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
“मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि कहीं भी पानी जमा न होने दिया जाए। जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।”
अनुपयोगी टायर हटाने की दी सलाह
कार्यशाला में आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए ग्रामीणों को छतों एवं खुले स्थानों पर रखे अनुपयोगी टायरों को हटाने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि ऐसे टायरों में वर्षा का पानी जमा होने पर मच्छर आसानी से अंडे दे देते हैं, जिससे मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
कार्यशाला को सफल बनाने में उपसरपंच दिनेश सोलंकी, आंगनवाड़ी सहायिका रूखमणि चंदेल एवं आशा कार्यकर्ता शकुन्तला चंदेल का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर ग्रामीण जीवन सिंह, लखन सिंह, रतन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।












