अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सात दिवसीय योग सप्ताह का हुआ समापन, बंदियों ने साझा किए सकारात्मक अनुभव
बड़वाह। लोकेश कोचले। The India Speaks Desk
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सब जेल बड़वाह में आयोजित सात दिवसीय योग सप्ताह का समापन किया गया। 15 जून से प्रारंभ हुए इस विशेष अभियान के दौरान जेल में निरुद्ध बंदियों को नियमित रूप से योग, प्राणायाम एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना तथा उन्हें सकारात्मक जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना था।
समापन अवसर पर जिला विधिक सहायता प्राधिकरण की सचिव सुश्री प्रीति जैन जेल परिसर पहुंचीं। उन्होंने बंदियों से योग सप्ताह के दौरान किए गए अभ्यासों और उनके प्रभावों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कई बंदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योग से उन्हें मानसिक तनाव कम करने, मन को शांत रखने और स्वास्थ्य में सुधार महसूस हुआ है।
योग बेहतर जीवनशैली का माध्यम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेलर युवराज सिंह मुवेल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” पर प्रकाश डालते हुए सभी बंदियों को नियमित रूप से योग अपनाने की प्रेरणा दी।
“योग व्यक्ति के शरीर, मन और विचारों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम है।”
स्वास्थ्य और सुधार की दिशा में निरंतर प्रयास
सब जेल बड़वाह में वर्तमान में कुल 97 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें 84 विचाराधीन, 9 सजायाफ्ता तथा 2 सिविल बंदी शामिल हैं। जेल प्रशासन द्वारा बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर विभिन्न जागरूकता और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान जेलर युवराज सिंह मुवेल, प्रमुख मुख्य प्रहरी जयमल सिंह, नरेंद्र मालवीय, रोहित सिंह, राजेश कर्मा सहित जेल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। योग सप्ताह के समापन पर सभी बंदियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित योग करने का संकल्प लिया।












