खरगोन। राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम के तहत खरगोन में दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 103 किसानों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में स्वच्छ दूध उत्पादन, पशुओं की देखभाल, संतुलित आहार, टीकाकरण और दुग्ध व्यवसाय को बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम इंदौर सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित द्वारा जिला सहकारी दुग्ध संघ, खरगोन के माध्यम से सहकारी प्रेरणा सदन के सभागृह में आयोजित किया गया।
कामधेनु और डेयरी प्लस योजना की दी जानकारी
पशु चिकित्सक प्रियंका बघेल ने किसानों को कामधेनु और डेयरी प्लस योजना सहित पशुपालन से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पशुओं में होने वाले सामान्य रोगों, बचाव के उपाय और टीकाकरण की जानकारी देते हुए समय-समय पर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण कराने की बात कही।
मुख्य वक्ता डीपी त्यागी ने स्वच्छ दूध उत्पादन के लिए पशुओं की साफ-सफाई, संतुलित फीडिंग और बेहतर नस्ल के पशुओं के पालन पर जानकारी दी। उन्होंने बीमार और अनुपयोगी पशुओं की पहचान तथा दुग्ध उत्पादन को व्यावसायिक रूप से बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।
सहकारी समितियों से जुड़ने की अपील
जिला सहकारी दुग्ध संघ, खरगोन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओंकार यादव ने सहकारी संस्थाओं में सदस्यों की योग्यता-अयोग्यता, अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सहकारी समितियों के सक्रिय सदस्य बनने और उनकी गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ सदस्य एवं इंदौर दुग्ध संघ के पूर्व संचालक बलिराम पाटीदार ने किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याएं व सुझाव सुने। उन्होंने किसानों से दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े रहने तथा दूध का विक्रय समिति के माध्यम से करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में दुग्ध संघ के नोडल अधिकारी डीपी त्यागी, पशु चिकित्सा विभाग की प्रियंका बघेल, सुपरवाइजर शिवराम पाटीदार और अश्विन जोशी सहित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।












