खरगोन। पश्चिम निमाड़ में वन और दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर सामने आ रही अवैध गांजा खेती ने पुलिस के साथ-साथ वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खरगोन के चैनपुर थाना क्षेत्र में करीब 3 करोड़ रुपए कीमत के 59.74 क्विंटल गांजे के पौधे मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित की है।
पुलिस के अनुसार चैनपुर क्षेत्र के ग्राम जामली और गुवाड़ा ठाटा फलिया में दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर कुल 15,191 गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनका कुल वजन 5,974 किलोग्राम बताया गया है। दोनों स्थान दुर्गम और मोबाइल नेटवर्क से बाहर के क्षेत्र में बताए गए हैं। पुलिस ने ड्रोन की मदद से खेतों की मैपिंग करने के बाद कार्रवाई की थी।
तीन करोड़ की फसल इतनी आसानी से कैसे तैयार होती रही?
मामला केवल गांजे के पौधे मिलने तक सीमित नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में फसल तैयार करने के लिए जमीन, बीज, सिंचाई और खेती की पूरी व्यवस्था की जरूरत होती है। ऐसे में अब जांच का दायरा केवल खेत मालिकों तक सीमित नहीं रहने वाला है।
खरगोन एसपी रविंद्र वर्मा के मुताबिक गठित SIT आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ गांजा खेती के पीछे जुड़े मुख्य लोगों की पहचान और इसके सप्लाई नेटवर्क का पता लगाएगी। पुलिस चार नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है।
खरगोन-बड़वानी के वन अमले से क्यों मांगा गया जवाब?
इस कार्रवाई के बाद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था भी जांच के दायरे में आ गई है। बड़वानी और खरगोन जिलों में वन अधिकारियों और बीट प्रहरियों को अवैध गांजा खेती की जानकारी जुटाने और इसकी सूचना देने के निर्देश होने की बात सामने आई है।
बड़वानी के बालवाड़ी वन उपखंड के अधिकारियों के अनुसार चार डिप्टी रेंजर और आठ बीट गार्डों को नोटिस जारी कर यह पूछा गया है कि बड़े पैमाने पर हो रही अवैध गांजा खेती उनकी निगरानी में क्यों नहीं पकड़ी गई। खरगोन में भी वन अधिकारियों और कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अब सवाल यह है कि दुर्गम और वन क्षेत्रों में लगातार निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी फसल तैयार होने तक विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? क्या केवल बीट स्तर के कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी या यह भी जांच होगी कि अवैध खेती के लिए जमीन और संसाधन उपलब्ध कराने वाले पूरे नेटवर्क पर पहले से नजर क्यों नहीं पड़ी?
SIT की जांच से इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।









