खरगोन। | द इंडिया स्पीक्स डेस्क
निमाड़ की सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ी बहुप्रतीक्षित NH-347B परियोजना को लेकर अक्टूबर की शुरुआत में नई प्रशासनिक हलचल सामने आई है। देशगांव से जुलवानिया के बीच NH-347B को 4-लेन में अपग्रेड करने वाले प्रोजेक्ट के टेंडर में 1 अक्टूबर 2026 को नया कॉरिजेंडम प्रकाशित किया गया है। यह अपडेट ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार पहले ही इस पूरे कॉरिडोर के उन्नयन के लिए 4,415.60 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे चुकी है।
देशगांव-जुलवानिया सेक्शन के टेंडर में नया अपडेट
NHAI के ई-टेंडर रिकॉर्ड के अनुसार देशगांव-जुलवानिया सेक्शन को 2-लेन से 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए जारी टेंडर में 1 अक्टूबर 2026 को कॉरिजेंडम प्रकाशित हुआ। यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युइटी मोड यानी HAM के तहत प्रस्तावित है।
टेंडर दस्तावेज में देशगांव से जुलवानिया तक करीब 108.643 किलोमीटर लंबे सेक्शन को 4-लेन, पक्के शोल्डर के साथ विकसित करने का उल्लेख है। टेंडर में परियोजना की अनुमानित राशि करीब 1,623.51 करोड़ रुपये दर्ज है और कार्य अवधि 730 दिन निर्धारित की गई है।
जून में मिली थी 4,415 करोड़ की मंजूरी
केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 3 जून 2026 को NH-347B के कुल 233.653 किलोमीटर हिस्से के उन्नयन को मंजूरी दी थी। परियोजना की कुल पूंजी लागत 4,415.60 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
इसके तहत हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी के 125.01 किलोमीटर हिस्से को पक्के शोल्डर के साथ 2-लेन में अपग्रेड किया जाना है, जबकि देशगांव-जुलवानिया के 108.643 किलोमीटर हिस्से को 4-लेन किया जाना है।
यह पूरा कॉरिडोर बैतूल-खंडवा-वडोदरा कॉरिडोर का हिस्सा है और इससे बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित होगी।
खरगोन में 16.20 किमी का ग्रीनफील्ड बायपास
परियोजना का स्थानीय स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा खरगोन जिले से जुड़ा है। केंद्र सरकार के परियोजना विवरण के अनुसार खरगोन जिले में 16.20 किलोमीटर लंबा विस्तारित ग्रीनफील्ड बायपास विकसित किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक इस परियोजना का उद्देश्य सड़क पर मौजूद ज्यामितीय कमियों, तीखे मोड़ों और आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात दबाव जैसी समस्याओं को कम करना है। परियोजना के तहत अलग-अलग सेक्शन में कुल 124.663 किलोमीटर बायपास लंबाई भी दर्ज की गई है।
इंदौर के लॉजिस्टिक नेटवर्क से भी जुड़ाव
केंद्र सरकार के अनुसार अपग्रेड होने वाला NH-347B कॉरिडोर कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और आर्थिक एवं लॉजिस्टिक केंद्रों से जुड़ेगा। इसमें इंदौर एयरपोर्ट और इंदौर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क भी शामिल हैं।
परियोजना से टेक्सटाइल क्लस्टर, मेगा फूड पार्क, इंडस्ट्रियल पार्क और सुपर थर्मल पावर प्लांट जैसे आर्थिक केंद्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की बात सरकार ने कही है।
अब निगाहें निर्माण प्रक्रिया पर
NH-347B के उन्नयन की बड़ी घोषणा जून में हो चुकी थी, लेकिन अब देशगांव-जुलवानिया 4-लेन सेक्शन के टेंडर में अक्टूबर में सामने आया नया अपडेट परियोजना की आगे की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण है।
हालांकि केवल कॉरिजेंडम जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि सड़क का निर्माण शुरू हो गया है। निर्माण शुरू होने से पहले टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन और अनुबंध से जुड़ी आगामी प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी रहती हैं।










