7 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, नियमों के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी
खरगोन। The India Speaks Desk
किसानों को उर्वरकों का पारदर्शी, समयबद्ध और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई ई-विकास उर्वरक वितरण प्रणाली की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले 7 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
निरीक्षण में सामने आई लापरवाही
जिला स्तर पर किए गए निरीक्षण में यह सामने आया कि 01 अप्रैल 2026 से लागू अनिवार्य व्यवस्था के बावजूद कई निजी और सहकारी विक्रेताओं द्वारा ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक विक्रय नहीं किया जा रहा था।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने 15 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। जांच के बाद 7 निजी विक्रेताओं को दोषी पाते हुए उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
नियमों का पालन अनिवार्य
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में सभी उर्वरक विक्रेता अब केवल ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही उर्वरकों का वितरण करेंगे।
“यदि भविष्य में कोई भी विक्रेता ई-विकास प्रणाली के बाहर उर्वरक विक्रय करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
किसानों से भी की गई अपील
प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही लेन-देन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता से बचा जा सके और शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सके।











