मलेरिया निरोधक माह जून के तहत बड़वाह में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों ने दिए सामूहिक प्रयासों के निर्देश
बड़वाह। The India Speaks Desk
मलेरिया निरोधक माह जून के अंतर्गत मंगलवार को बड़वाह में जन जागरूकता एवं अंतर विभागीय मलेरिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सत्यनारायण दर्रो ने की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम, जनजागरूकता और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की।
मलेरिया नियंत्रण में सभी विभागों की भूमिका अहम
कार्यशाला में प्रमुख खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र मिमरोट ने मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छर जनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों और आम नागरिकों की सहभागिता से ही प्रभावी नियंत्रण संभव है।
“मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करना और लोगों को जागरूक बनाना सबसे प्रभावी उपाय है। सामूहिक प्रयासों से ही मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।”
रुके पानी को न बनने दें मच्छरों का घर
डॉ. मिमरोट ने बताया कि आसपास जमा रुके हुए पानी में जला हुआ ऑयल डालने से मच्छरों के अंडे नष्ट हो जाते हैं। साथ ही घरों में रखी पानी की टंकियों, ड्रमों और अन्य कंटेनरों को हमेशा ढककर रखना चाहिए ताकि मच्छर उनमें अंडे न दे सकें।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है। ऐसे में समय रहते सफाई अभियान, फॉगिंग और जनजागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में गांवों और शहरी वार्डों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, जलभराव रोकने तथा मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यशाला में तहसीलदार शिवराम कनासे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश जैन, महिला एवं बाल विकास अधिकारी अनिल जैन (बड़वाह), रेखा पटेल (सनावद), खंड शिक्षा अधिकारी आर.आर. वर्मा, बीआरसी रेवाराम बर्मन, खाद्य अधिकारी अभिताभ शुक्ला, खंड विस्तार प्रशिक्षक जगदीश खेडेकर, मलेरिया निरीक्षक उस्मान पठान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के माध्यम से मलेरिया निरोधक गतिविधियों को गति देने तथा जनसहभागिता बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।












